मेलोनी का बुर्का-नकाब पर बैन प्लान, यूरोप के कई देशों में पहले से रोक

रोम, 21 सितंबर . इटली भी यूरोप के उन देशों की फेहरिस्त में शुमार होने को तैयार है जहां बुर्के पर बैन है. देश की Prime Minister जॉर्जिया मेलोनी ने स्कूलों में बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी की घोषणा कर दी है. इसके साथ ही Government प्रत्येक कक्षा में विदेशी छात्रों की संख्या सीमित करने और देश की संस्कृति को सीखने या समझने में समस्या का सामना कर रहे विदेशी छात्रों के अभिभावकों के लिए इतालवी भाषा सीखना अनिवार्य करने की योजना बना रही है.

मेलोनी ने Sunday को अपनी पार्टी ‘ब्रदर्स ऑफ इटली’ के युवा संगठन के एक कार्यक्रम में इसका ऐलान किया. उन्होंने कहा, “इन उपायों से जुड़ा प्रस्ताव जल्द कैबिनेट के सामने रखा जाएगा. इटली आने वाले लोगों को देश की भाषा सीखनी, संस्कृति को समझना और कानूनों का सम्मान करना चाहिए.”

प्रस्तावित नियम विशेष रूप से स्कूलों में पूरे चेहरे को ढकने वाले परिधानों पर रोक से जुड़े हैं. बुर्का और नकाब में चेहरा ढका रहता है, जबकि हिजाब में आम तौर पर सिर और गर्दन ढके होते हैं, लेकिन चेहरा खुला रहता है. मेलोनी की घोषणा में बुर्का और नकाब का उल्लेख किया गया है.

विदेशी छात्रों की संख्या को लेकर भी Government कानूनी सीमा तय करने की तैयारी में है. मेलोनी ने अभी प्रति कक्षा अधिकतम संख्या स्पष्ट नहीं की है. इटली के स्कूलों में फिलहाल विदेशी नागरिक छात्र कुल नामांकन का करीब 11.6 प्रतिशत हैं. वहीं, 2010 की एक प्रशासनिक व्यवस्था में गैर-इतालवी छात्रों के लिए 30 प्रतिशत की सीमा पहले से मौजूद है, हालांकि इसका इस्तेमाल कई जगह पूरी तरह नहीं हो पाया है.

चेहरा ढकने पर प्रतिबंध इटली के लिए बिल्कुल नया विषय नहीं है. देश में 1975 का एक कानून सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे हेलमेट या कपड़े से संबंधित है, जिससे व्यक्ति की पहचान मुश्किल हो सकती है. हालांकि, बुर्का या नकाब पर देशव्यापी स्पष्ट प्रतिबंध अब तक नहीं है. मेलोनी Government का नया प्रस्ताव खास तौर पर स्कूलों पर केंद्रित है और इसे कानून बनने के लिए संसदीय मंजूरी की जरूरत होगी.

यूरोप के कई देशों में इससे पहले ही सार्वजनिक स्थानों पर पूरे चेहरे को ढकने वाले परिधानों पर अलग-अलग स्तर की पाबंदियां लागू हैं. फ्रांस ने अप्रैल 2011 में सार्वजनिक स्थानों पर चेहरा ढकने पर व्यापक प्रतिबंध लगाया था. बेल्जियम ने भी 2011 में सार्वजनिक स्थानों पर चेहरे को पूरी तरह से ढकने पर बैन लगाया. बुल्गारिया में 2016 से Governmentी, प्रशासनिक और शैक्षणिक संस्थानों में फुल फेस वेल पर प्रतिबंध है.

ऑस्ट्रिया में 2017 से सार्वजनिक स्थानों पर चेहरा ढकने पर प्रतिबंध लागू है. इसके अलावा सितंबर 2026 से 14 वर्ष तक की छात्राओं के लिए स्कूलों में इस्लामी परंपरा के अनुसार सिर ढकने वाले कुछ परिधानों पर भी नया प्रतिबंध लागू हुआ है.

डेनमार्क ने 2018 में सार्वजनिक स्थानों पर चेहरा ढकने वाले परिधानों पर देशव्यापी प्रतिबंध लगाया. नीदरलैंड्स ने 2019 से आंशिक प्रतिबंध लागू किया, जो स्कूलों, अस्पतालों, Governmentी कार्यालयों और सार्वजनिक परिवहन जैसे स्थानों पर लागू होता है.

स्विट्जरलैंड में सार्वजनिक स्थानों पर चेहरा ढकने पर संघीय प्रतिबंध 2023 में लागू हुआ. वहीं पुर्तगाल ने अगस्त 2026 में सार्वजनिक स्थानों पर चेहरे को ढकने पर प्रतिबंध लगाने वाला कानून लागू किया.

जर्मनी में पूरे देश के लिए ऐसा कोई सामान्य प्रतिबंध नहीं है. हालांकि संघीय कानून कुछ Governmentी कर्मचारियों, न्यायाधीशों और सैन्यकर्मियों के लिए चेहरे ढकने पर पाबंदी लगाता है. कई राज्यों में स्कूलों और विश्वविद्यालयों को लेकर भी अलग-अलग प्रतिबंध लागू हैं.

यूरोप में नियमों की यह तस्वीर एक जैसी नहीं है. कहीं पूरे सार्वजनिक क्षेत्र में चेहरा ढकने पर रोक है, तो कहीं प्रतिबंध स्कूल, अस्पताल, Governmentी संस्थानों या सार्वजनिक परिवहन तक सीमित हैं. कुछ देशों में धार्मिक पोशाक को लेकर व्यापक संवैधानिक संरक्षण भी मौजूद है.

केआर/

Leave a Comment