
Lucknow, 15 सितम्बर . केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा 2029 के Lok Sabha चुनाव से पहले भाजपा और एनडीए शासित सभी 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की घोषणा के बाद उत्तर प्रदेश Government में कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह के बयान का स्वागत करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने पहले ही अपने संकल्प पत्र में समान नागरिक संहिता को प्रमुखता से शामिल किया था और इसे लागू करने की अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की थी.
भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि Lok Sabha चुनाव के दौरान भाजपा का संकल्प पत्र 14 अप्रैल 2024 को जारी किया गया था. पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में स्पष्ट रूप से समान नागरिक संहिता को शामिल किया था और संविधान के अनुच्छेद 44 के अनुरूप इसे राज्य के नीति निर्देशक तत्वों के तहत लागू करने की बात कही थी. उन्होंने कहा कि भाजपा का मानना है कि जब तक समान नागरिक संहिता लागू नहीं होती, तब तक महिलाओं को उनके अधिकारों की पूर्ण सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित नहीं किया जा सकता.
समान नागरिक संहिता महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने और समाज में समानता स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. कैबिनेट मंत्री ने आगे कहा कि केंद्र Government देश में एक आधुनिक, प्रभावी और सभी नागरिकों को समान सुरक्षा प्रदान करने वाला कानून लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह का हालिया बयान इसी दिशा में Government की मंशा और संकल्प को दर्शाता है. भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि वह गृह मंत्री अमित शाह के इस वक्तव्य का स्वागत करते हैं.
उन्होंने भरोसा जताया कि Prime Minister Narendra Modi की जो गारंटी है, उस पर देश को विश्वास है और केंद्र Government अपने संकल्पों को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि भाजपा ने जो वादे देश की जनता से किए हैं, उन्हें पूरा करने का काम लगातार किया जा रहा है और समान नागरिक संहिता भी उसी संकल्प का हिस्सा है.
गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में कहा था कि 2029 के Lok Sabha चुनावों से पहले भाजपा और एनडीए शासित सभी 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी. उनके इस बयान के बाद यूसीसी को लेकर Political चर्चा तेज हो गई है. इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने भी पार्टी के रुख को दोहराते हुए इसे महिलाओं के अधिकारों और समान न्याय से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया है.
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विकेटी/पीएम