भूटान में विदेश मंत्री जयशंकर, वित्त मंत्री दोरजी ने गर्मजोशी से किया स्वागत

थिंपू, 17 सितंबर . विदेश मंत्री एस. जयशंकर का Thursday को थिंपू पहुंचने पर भूटान के वित्त मंत्री ल्योनपो लेकी दोरजी ने गर्मजोशी से स्वागत किया.

भूटान की राजधानी पहुंचने पर, विदेश मंत्री जयशंकर ने एक्स पोस्ट में लिखा, “थिंपू में गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए भूटान के वित्त मंत्री ल्योंपो लेकी दोरजी का आभार.”

विदेश मंत्री जयशंकर भूटान की दो दिन की आधिकारिक यात्रा पर हैं, जिसका मकसद लंबे समय से चले आ रहे द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करना है.

Wednesday को, विदेश मंत्री जयशंकर ने भूटान के सबसे पवित्र स्थलों में से एक, कुर्जी लखांग में पूजा-अर्चना की.

उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, “पवित्र कुर्जी लखांग में नमन किया. दोनों देशों की जनता के कल्याण और भारत-भूटान संबंधों के लिए प्रार्थना की.”

विदेश मंत्री जयशंकर ने अपने भूटानी समकक्ष ल्योंपो डी.एन. धुंग्येल के साथ बुमथांग में नेशनल कैटल ब्रीडिंग सेंटर का दौरा किया. अपनी यात्रा के दौरान, विदेश मंत्री जयशंकर ने भूटान में डेयरी मवेशी प्रजनन कार्यक्रम के लिए India से शुद्ध नस्ल की 43 जर्सी गाय सौंपीं, ताकि दूध उत्पादन बढ़ाया जा सके और स्थानीय किसानों की मदद की जा सके.

विदेश मंत्री जयशंकर ने एक्स पोस्ट में बताया, “बुमथांग में नेशनल कैटल ब्रीडिंग सेंटर का दौरा किया. दूध उत्पादन बढ़ाने और स्थानीय किसानों की मदद के लिए भूटान में डेयरी मवेशी प्रजनन कार्यक्रम के लिए India से शुद्ध नस्ल की 43 जर्सी गाय सौंपीं. यह जानकर खुशी हुई कि सेंटर के प्रजनन कार्यक्रम से चालीस हजार किसानों को फायदा होगा.”

विदेश मंत्री जयशंकर और ल्योंपो डी.एन. धुंग्येल ने Wednesday को बुमथांग में ऐतिहासिक वांगडुचोलिंग पैलेस और म्यूजियम का दौरा किया.

इसके अलावा, विदेश मंत्री ने भूटान के गासा में 500 किलोवाट के लुनाना हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट का ल्योंपो डी.एन. धुंग्येल के साथ शिलान्यास किया. उन्होंने इसे दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे ऊर्जा सहयोग के लिए एक “गौरवशाली मील का पत्थर” बताया.

यह सहयोग 1967 में थिंपू में भूटान के पहले हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट ‘जुंगशिना’ से शुरू होकर अब भूटान की उन आखिरी बस्तियों तक पहुंच गया है जहां बिजली नहीं पहुंची थी.

दोनों मंत्रियों ने मोंगगर में 65 बिस्तरों वाले ग्यालत्सुएन जेटसुन पेमा मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल का भी उद्घाटन किया. विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि यह स्वास्थ्य सुविधा पूर्वी भूटान में अच्छी क्वालिटी और खास तौर पर मां और बच्चे की देखभाल तक पहुंच को बेहतर बनाएगी.

विदेश मंत्री जयशंकर और ल्योंपो डी.एन. धुंग्येल ने समद्रुप जोंगखर में 80 मीटर लंबे जगनाथन पुल का भी उद्घाटन किया. विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भूटान-India दोस्ती का ‘प्रोजेक्ट दंतक’ द्वारा बनाया जा रहा यह पुल पूर्वी भूटान में त्राशीगांग और समद्रुप जोंगखर के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा.

उन्होंने बुमथांग में एक बैठक भी की और दोनों पड़ोसी देशों के बीच व्यापक सहयोग की समीक्षा की. दोनों मंत्रियों ने विकास साझेदारी, ऊर्जा, व्यापार, कनेक्टिविटी, संस्कृति और लोगों के बीच संबंधों के मामले में दोनों देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की.

केआर/

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