बस्तर में बाढ़ से भारी नुकसान, राष्ट्रपति के ‘मुरिया दरबार’ से राहत की उम्मीद: फूलो देवी नेताम

रायपुर, 23 अक्टूबर . President द्रौपदी मुर्मु Friday को अपने छत्तीसगढ़ दौरे के दूसरे दिन जगदलपुर जाएंगी. President मुर्मु बस्तर के ऐतिहासिक और पारंपरिक मुरिया दरबार में शामिल होंगी. कांग्रेस की राज्यसभा सांसद फूलो देवी नेताम ने कहा कि बस्तर के आदिवासी समुदाय को President से काफी उम्मीदें हैं कि वे लोगों की मांगों को गंभीरता से सुनेंगी और उन्हें पूरा करने का प्रयास करेंगी.
फूलो देवी नेताम ने कहा कि इस बार बस्तर में अत्यधिक बाढ़ के कारण बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है. किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं और कई परिवारों को जन-धन की हानि झेलनी पड़ी है. ऐसे समय में बस्तर के लोगों को President के दौरे से राहत और विकास की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि बस्तर वन संपदा से भरपूर क्षेत्र है और यहां किसी संसाधन की कमी नहीं है, जरूरत है तो बस सही योजना और इच्छाशक्ति की, जिससे बस्तर को आगे बढ़ाया जा सके और यहां का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके.
मुरिया दरबार के आयोजन को लेकर फूलो देवी नेताम ने कहा कि पहले मुरिया दरबार में स्थानीय आदिवासी और हर समाज के लोग बिना किसी रोक-टोक के शामिल होते थे. लेकिन अब प्रशासनिक दबाव और पास सिस्टम के कारण आम आदिवासियों को दरबार से दूर किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि मुरिया दरबार स्वतंत्र होना चाहिए, जैसा कि राजशाही के समय हुआ करता था, जब हर व्यक्ति की समस्या सुनी जाती थी और उसका समाधान किया जाता था. अब इस परंपरा को Political रूप देने की कोशिश हो रही है, जो सही नहीं है. इस आयोजन में सत्ताधारी दल का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए.
बस्तर में मलेरिया की समस्या और मच्छरदानी के टेंडर में देरी पर सांसद ने कहा कि यह Government की बड़ी खामी और कमजोरी को दर्शाता है. लोगों को जिस स्तर की स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए, वे नहीं मिल पा रही हैं.
छत्तीसगढ़ में महिला अपराध की घटनाओं पर चिंता जताते हुए फूलो देवी नेताम ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की Government आने के बाद से प्रदेश में बालिकाओं के खिलाफ हत्या और बलात्कार जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. रोजाना तीन से चार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं. छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. Government को इस पर सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि महिलाओं और बच्चियों को सुरक्षा मिल सके.
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पीआईएम/एएस


