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Friday, 23 October 2026
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18 देशों के विशेषज्ञों संग समुद्री विज्ञान और टेक्नोलॉजी पर मंथन करेगी नौसेना

18 देशों के विशेषज्ञों संग समुद्री विज्ञान और टेक्नोलॉजी पर मंथन करेगी नौसेना

New Delhi, 23 अक्टूबर . भारतीय नौसेना New Delhi में हिंद-प्रशांत क्षेत्रीय संवाद 2026 का आयोजन करेगी. तीन दिन के इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में 18 देशों के समुद्री विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, शिक्षाविद, नीति निर्माता और राजनयिक हिस्सा लेंगे. सम्मेलन में समुद्र से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए विज्ञान, तकनीक और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी. यह आयोजन 3 से 5 नवंबर तक चलेगा.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी इसमें शामिल होंगे व विभिन्न देशों के विशेषज्ञों को संबोधित करेंगे. India और श्रीलंका के पूर्व नौसेना प्रमुख यहां अपने विचार रखेंगे. इस वर्ष सम्मेलन का मुख्य विषय ‘हिंद-प्रशांत क्षेत्र में विज्ञान, तकनीक और शैक्षणिक सहयोग’ रखा गया है. भारतीय नौसेना अपने प्रमुख नॉलेज सहयोगी, राष्ट्रीय समुद्री फाउंडेशन के साथ मिलकर इसका आयोजन कर रही है. इसका उद्देश्य समुद्र से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए विभिन्न देशों के बीच साझा शोध, तकनीकी विकास और जानकारी के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है.

दरअसल आज समुद्र से जुड़ी चुनौतियां किसी एक देश तक सीमित नहीं हैं. जलवायु परिवर्तन, समुद्री व्यापार और आपूर्ति शृंखला की सुरक्षा, समुद्री संसाधनों पर बढ़ता दबाव और महत्वपूर्ण समुद्री ढांचे की सुरक्षा जैसे मुद्दों से निपटने के लिए देशों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है. इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए सम्मेलन में वैज्ञानिक क्षमताओं को साझा करने, शोध संस्थानों के बीच साझेदारी बढ़ाने और प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने के उपायों पर विचार किया जाएगा. यहां पांच प्रमुख विषयों पर चर्चा होगी और तीन दिन के सम्मेलन में पांच विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे.

इन सत्रों में केवल चुनौतियों की पहचान ही नहीं की जाएगी, बल्कि उनके व्यावहारिक समाधान भी तलाशे जाएंगे. संयुक्त शोध परियोजनाओं, नई तकनीकों के साझा विकास, वैज्ञानिक आंकड़ों तक उचित पहुंच और संस्थानों के बीच मजबूत साझेदारी जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहेंगे. नौसेना के मुताबिक सम्मेलन में विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित के साथ-साथ सामाजिक विज्ञान, जीवन विज्ञान और मानविकी के महत्व पर भी जोर दिया जाएगा. इसका उद्देश्य समुद्री चुनौतियों को व्यापक नजरिए से समझना और उनके समाधान के लिए अलग-अलग विषयों के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाना है.

सम्मेलन के पहले दिन ‘पर्सपेक्टिव्स फ्रॉम द फ्लैग ब्रिज’ नाम से एक विशेष सत्र होगा. इसमें India और श्रीलंका के पूर्व नौसेना प्रमुख अपने अनुभव और विचार साझा करेंगे. इसके अलावा ‘सहयोग का संवाद’ नाम से राजदूतों की एक विशेष बातचीत भी आयोजित की जाएगी. तीन दिवसीय कार्यक्रम में मंत्रियों और अन्य विशिष्ट अतिथियों के विशेष संबोधन भी होंगे. हिंद-प्रशांत क्षेत्र के 18 देशों से आए विशेषज्ञ समुद्री सुरक्षा, वैज्ञानिक सहयोग और क्षेत्रीय साझेदारी से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखेंगे.

हिंद-प्रशांत क्षेत्रीय संवाद भारतीय नौसेना का प्रमुख वार्षिक अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक सम्मेलन है. इसके पिछले आयोजनों में हिंद-प्रशांत महासागर पहल के साथ परस्पर जुड़े सहयोग क्षेत्रों से संबंधित विषयों पर चर्चा होती रही है. Prime Minister Narendra Modi ने नवंबर 2019 में बैंकॉक में आयोजित 14वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में इस पहल की घोषणा की थी. India के समुद्री विजन ‘महासागर’ यानी क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास को आगे बढ़ाने के साझा दृष्टिकोण के तहत यह संवाद व्यापक सहयोग की रूपरेखा को ठोस कार्ययोजनाओं में बदलने का प्रयास करेगा.

सम्मेलन में मिले सुझावों को राष्ट्रीय, उपक्षेत्रीय और पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र के स्तर पर लागू किए जा सकने वाले उपायों के रूप में विकसित करने पर जोर रहेगा.

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जीसीबी/एसके

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