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Sunday, 25 October 2026
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पिता के जन्मदिन पर भावुक हुईं निमरत कौर, बोलीं- उनकी कमी आज भी खलती है

पिता के जन्मदिन पर भावुक हुईं निमरत कौर, बोलीं उनकी कमी आज भी खलती है

पिता के जन्मदिन पर भावुक हुईं निमरत कौर, बोलीं- उनकी कमी आज भी खलती है

Mumbai , 25 अक्टूबर . Actress निमरत कौर ने अपने दिवंगत पिता मेजर भूपेंद्र सिंह को उनके जन्मदिन पर भावुक संदेश के साथ याद किया. उन्होंने बताया कि परिवार को आज भी उनकी उपस्थिति और स्नेह का एहसास होता है.

निमरत कौर ने इंस्टाग्राम पर पिता की याद में एक भावपूर्ण संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने उनके न होने से पैदा हुए खालीपन को बयां किया और बताया कि खास मौकों पर उन्हें उनकी कमी कितनी ज्‍यादा खलती है.

उन्होंने लिखा, “पापा को जन्मदिन मुबारक हो, उनके बिना एक भी दिन गुजारना नामुमकिन नहीं था. आज उन्हें याद कर रही हूं और उनकी कमी कुछ ज्‍यादा ही खल रही है. बाकी भावनाओं को शब्दों में बयां करना मुश्किल है.”

निमरत कौर ने अपने पिता के साथ बचपन की कुछ अनमोल यादें तस्वीरों के जरिए साझा कीं. तस्वीरों में छोटी निमरत उनके साथ पोज देती नजर आ रही हैं, जबकि दूसरी तस्वीर में भारतीय सेना में उनके जीवन की झलक दिखती है. तस्वीरों में कैद ये भावुक पल उनके जन्मदिन की श्रद्धांजलि को एक व्यक्तिगत स्पर्श देते हैं.

उनकी पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए नवजोत सिंह सिद्धू ने निमरत की प्रशंसा की और लिखा, “एक महान विरासत की मशाल थामने वाली निमरत, चमकती रहो.”

अपने संदेश के माध्यम से Actress ने बताया कि उनके पिता की स्मृति उनके जीवन का अभिन्न अंग बनी हुई है. उन्होंने यह भी व्यक्त किया कि परिवार के लिए विशेष महत्व रखने वाले इस दिन उन्हें याद करते हुए अपनी भावनाओं को शब्दों में व्यक्त करना कितना कठिन है.

निमरत कौर के पिता मेजर भूपेंद्र सिंह भारतीय सेना में इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे और उन्हें उनकी वीरता के लिए मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था. 17 जनवरी 1994 को एक आधिकारिक कार्य से लौटते समय कश्मीर के वेरीनाग में हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े आतंकवादियों ने उनका अपहरण कर लिया था. सात दिनों तक बंधक रहने के बाद 23 जनवरी, 1994 को 44 वर्ष की आयु में उनकी हत्या कर दी गई थी.

निमरत महज 11 साल की थी, जब उसने अपने पिता को खो दिया. उनके निधन के बाद उसकी मां अविनाश कौर ने निमरत और उसकी छोटी बहन रुबीना का पालन-पोषण दिल्ली और नोएडा में अकेले ही किया.

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एएसएच/वीसी

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