तमिलनाडु सरकार ने माल ढोने वाले वाहनों की मनमानी जांच पर रोक लगाई

चेन्नई, 28 अक्टूबर . तमिलनाडु के वाणिज्यिक कर आयुक्त ने एक सर्कुलर जारी कर अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे बिना किसी ठोस कारण के माल ढोने वाले वाहनों को न रोकें और न ही उनकी जांच करें. इस कदम का उद्देश्य सड़क किनारे होने वाली जांच को कम करना और ट्रक ड्राइवरों तथा व्यापारियों को हो रही परेशानियों को आसान बनाना है.
सर्कुलर के अनुसार, प्रवर्तन टीमों (एनफोर्समेंट टीमों) को कार्रवाई करने की अनुमति तभी मिलेगी, जब विभाग को कोई विश्वसनीय और ठोस जानकारी मिले कि कोई वाहन वस्तु एवं सेवा कर (GST) कानूनों का उल्लंघन करके सामान ले जा रहा है.
इन निर्देशों से विभाग की वाहन जांच व्यवस्था में बदलाव आया है. मौजूदा “रोविंग स्क्वॉड” को हटाकर उनकी जगह “फ्लाइंग स्क्वॉड” बनाए गए हैं. ये स्क्वॉड नियमित गश्त के बजाय, नियमों के उल्लंघन की आशंका वाली जानकारी के आधार पर काम करेंगे.
नई व्यवस्था के तहत फ्लाइंग स्क्वॉड के कर्मचारी कमर्शियल टैक्स जॉइंट कमिश्नर के कार्यालय में तैनात रहेंगे. अब वे सड़कों पर घूम-घूमकर माल ले जाने वाले वाहनों को मनमाने ढंग से नहीं रोकेंगे.
इसके बजाय, किसी विशेष वाहन और उसमें लदे सामान के बारे में ठोस जानकारी मिलने पर ही कार्रवाई की जाएगी. इसका मुख्य उद्देश्य बिना सोचे-समझे की जाने वाली जांच को रोकना है ताकि विभाग केवल उन्हीं मामलों में कार्रवाई कर सके जहां कर नियमों के उल्लंघन का संदेह हो.
बार-बार होने वाली जांच ट्रक ड्राइवरों के लिए एक बड़ी परेशानी बन गई है क्योंकि उन्हें अपनी यात्रा के दौरान कई जगहों पर रोककर पूछताछ का सामना करना पड़ सकता है.
भले ही सभी जरूरी दस्तावेज पूरे हों, फिर भी इस तरह रोके जाने से ड्राइवरों और व्यापारियों को काफी तनाव का सामना करना पड़ सकता है. इसमें बार-बार पूछताछ किए जाने से होने वाली परेशानी का भी जिक्र है. साथ ही, यह सर्कुलर एक बेहतर और सटीक प्रवर्तन प्रणाली के जरिए इन चिंताओं को दूर करने की कोशिश करता है.
बिना किसी ठोस कारण के वाहनों को रोके जाने के विरोध में संविधान के अनुच्छेद 19(1)(जी) का हवाला दिया गया है. यह अनुच्छेद नागरिकों को अपनी पसंद का पेशा अपनाने या कोई भी व्यापार या व्यवसाय करने की आज़ादी देता है. बताया गया है कि ये निर्देश पूरे तमिलनाडु में तुरंत लागू हो गए हैं.
इस फैसले को व्यापारियों, लॉरी मालिकों और ड्राइवरों के लिए एक बड़ी राहत माना जा रहा है, जिन्हें जरूरी कागजात होने के बावजूद अक्सर रास्ते में रोककर जांच का सामना करना पड़ता था.
प्रवर्तन अधिकारियों के लिए नई व्यवस्था के तहत किसी वाहन को रोकने का एक स्पष्ट आधार तय किया गया है. किसी विशिष्ट वाहन से जुड़े GST उल्लंघन के बारे में विश्वसनीय जानकारी या इनपुट होना.
इस बदलाव का मकसद जांच-पड़ताल को और अधिक सटीक बनाना है, ताकि माल ढुलाई में बेवजह की रुकावटें न आएं. साथ ही, विभाग के पास यह अधिकार बना रहेगा कि अगर उसे किसी उल्लंघन के बारे में कोई पुख्ता जानकारी मिलती है, तो वह उसकी जांच कर सके.
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ओपी/पीएम


