चुनाव प्रक्रिया में खामियां हैं तो कांग्रेस सत्ता छोड़े: असम सीएम की राहुल को चुनौती

गुवाहाटी, 12 अक्टूबर . असम के Chief Minister हिमंता बिस्वा सरमा ने Monday को कांग्रेस नेता राहुल गांधी को चुनौती दी कि अगर उन्हें वाकई लगता है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित नहीं कर सकते, तो वे विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों की Governmentों से इस्तीफा मांगें और चुनाव बहिष्कार की घोषणा करें.

कांग्रेस द्वारा भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) की आलोचना के बीच गांधी पर निशाना साधते हुए सरमा ने सवाल किया कि अगर उन्हें लगता है कि चुनाव प्रक्रिया में मूलभूत खामियां हैं, तो वे कांग्रेस और उसके सहयोगियों द्वारा शासित राज्यों में चुनाव में भाग लेना क्यों जारी रखते हैं.

सरमा ने कहा कि आज राहुल गांधी असम और बंगाल के चुनावों के नतीजों की बात कर रहे हैं.

उन्होंने कांग्रेस नेता को उसी मुख्य चुनाव आयुक्त के अधीन हुए चुनावों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की चुनौती दी.

सरमा ने गांधी से केरल, Jharkhand, कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु की Governmentों से इस्तीफा मांगने को कहा, और तर्क दिया कि जब नतीजे विपक्ष के खिलाफ जाते हैं तो वह चुनिंदा रूप से चुनाव प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठा सकता.

उन्होंने गांधी को यह घोषणा करने की चुनौती भी दी कि जब तक ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त बने रहेंगे, कांग्रेस उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड में भविष्य के चुनाव नहीं लड़ेगी.

असम के Chief Minister ने आगे सवाल उठाया कि क्या गांधी उसी चुनाव प्राधिकरण के तहत आयोजित चुनाव में अपनी पार्टी या गठबंधन की जीत होने पर भी Government बनाने से इनकार कर देंगे?

सरमा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावी परिणामों के लिए अलग-अलग मापदंड अपना रही है, जीतने पर परिणाम स्वीकार कर रही है, और हारने पर प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है.

उन्होंने कहा कि आप चुनाव जीतते हैं, तो ईवीएम ठीक हैं. मैं चुनाव जीतता हूं, तो चुनाव गलत है. उन्होंने विपक्ष के चुनावी वैधता के चयनात्मक रवैये की आलोचना की.

उन्होंने विपक्ष के नेता के रूप में गांधी की स्थिति पर भी सवाल उठाया और तर्क दिया कि कांग्रेस नेता ने उसी चुनावी प्रणाली के माध्यम से यह पद प्राप्त किया है जिसकी वे अब आलोचना कर रहे हैं.

Chief Minister की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आईं जब कांग्रेस ने चुनाव आयोग के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है और उसके कामकाज और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर चिंता जताई है.

सरमा ने राहुल गांधी पर चुनावी नतीजों को स्वीकार करने और पार्टी के Political प्रदर्शन को सुधारने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप लगाया.

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एमएस/

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