
Ahmedabad, 12 अक्टूबर . Gujarat में 158 शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्रमाणपत्र दिए जाएंगे. इनमें नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के तहत पात्र 126 लाभार्थी और जिला कलेक्टर कार्यालय के माध्यम से पंजीकृत 32 आवेदक शामिल हैं.
उपChief Minister हर्ष सांघवी Tuesday को Ahmedabad के सोला क्षेत्र स्थित एसएएल इंस्टीट्यूट में आयोजित ‘भारतीय नागरिकता प्रमाणपत्र वितरण समारोह’ में इन लाभार्थियों को नागरिकता प्रमाणपत्र वितरित करेंगे.
समारोह में शहरी विकास एवं शहरी आवास राज्य मंत्री दर्शना वाघेला, शहर के मेयर, सांसद और विधायक भी शामिल होने वाले हैं.
नागरिकता प्रमाणपत्र दो श्रेणियों के लाभार्थियों को दिए जाएंगे. पहली श्रेणी में सीएए के तहत नागरिकता प्राप्त करने वाले लोग शामिल हैं, जबकि दूसरी श्रेणी में वे आवेदक हैं, जिनके आवेदन नागरिकता अधिनियम, 1955 के प्रावधानों के तहत जिला कलेक्टर कार्यालय द्वारा संसाधित किए गए हैं.
जिला प्रशासन ने अपने बयान में कहा कि Ahmedabad ने अफगानिस्तान, बांग्लादेश और Pakistan से आए अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
अधिकारियों के अनुसार, केंद्र Government ने 2016 और 2018 की अधिसूचनाओं के माध्यम से जिला कलेक्टरों को नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 5 और 6 के तहत इन तीन देशों के पात्र अल्पसंख्यक समुदायों को नागरिकता प्रदान करने का अधिकार दिया था.
इन अधिसूचनाओं के जरिए जिला कलेक्टरों को संबंधित प्रावधानों के तहत नागरिकता आवेदनों की प्रक्रिया पूरी करने का अधिकार मिला.
वर्ष 2019 में लागू नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के तहत अफगानिस्तान, बांग्लादेश और Pakistan से आए पात्र हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता प्राप्त करने का आसान और त्वरित रास्ता उपलब्ध कराया गया है. इसके लिए शर्त यह है कि वे 31 दिसंबर 2014 या उससे पहले India आ चुके हों और कानून की अन्य शर्तों को पूरा करते हों.
Ahmedabad जिला प्रशासन के अनुसार, वर्ष 2017 से 2025 के बीच जिले में 1,200 से अधिक लोगों को भारतीय नागरिकता प्रमाणपत्र जारी किए जा चुके हैं. इस मामले में Ahmedabad देश के प्रमुख जिलों में शामिल है.
अधिकारियों ने बताया कि Tuesday को आयोजित समारोह में सभी 158 लाभार्थियों को उपChief Minister हर्ष सांघवी और अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में नागरिकता प्रमाणपत्र सौंपे जाएंगे.
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एएमटी/एबीएम