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Saturday, 31 October 2026
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एसआईआर पर विपक्ष के आरोप भ्रामक, संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की साजिश: संजय जायसवाल

एसआईआर पर विपक्ष के आरोप भ्रामक, संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की साजिश: संजय जायसवाल

Patna, 29 अक्टूबर . बिहार भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और सांसद संजय जायसवाल ने Thursday को एसआईआर को लेकर विपक्ष पर भ्रम फैलाने और संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की साजिश रचने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि विधान परिषद चुनाव के परिणाम ने कांग्रेस के उन दावों की पोल खोल दी है, जिनमें वह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग करती रही है. उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए जरूरी है.

Patna में आयोजित एक प्रेस वार्ता में जायसवाल ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष चुनावी हार के बाद चुनाव आयोग, न्यायपालिका और अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े कर रहा है. उन्होंने कहा कि विधान परिषद चुनाव में प्रेफरेंशियल वोटिंग के कारण बैलेट पेपर से मतदान होता है. इसके बावजूद 28 सीटों में कांग्रेस को केवल एक सीट मिली. कर्नाटक में भी पार्टी चारों सीटें हार गई.

जायसवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावी हार के बाद जनता के बीच भ्रम फैलाने की राजनीति कर रही है. एसआईआर का बचाव करते हुए BJP MP ने कहा कि यह चुनाव आयोग की संवैधानिक प्रक्रिया है और वर्ष 1950 से लागू है. उन्होंने दावा किया कि इससे पहले आठ बार एसआईआर हो चुका है, जिनमें सात बार कांग्रेस के शासनकाल में यह प्रक्रिया अपनाई गई. बिहार में पिछले वर्ष एसआईआर के दौरान 47 लाख मतदाताओं के नामों में सुधार किया गया था. इनमें मृत, स्थानांतरित और दोहरी प्रविष्टियों वाले मतदाता शामिल थे.

जायसवाल ने कहा कि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए भारतीय नागरिक होना, 18 वर्ष की आयु पूरी करना और संबंधित स्थान का निवासी होना आवश्यक है. उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में बांग्लादेशियों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए बसाने और मतदाता सूची में शामिल कराने का चलन बढ़ा.

उन्होंने दावा किया कि कई जगहों पर पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिकों के पास 24 साउथ परगना के फर्जी आधार कार्ड मिलने की बात सामने आई है. उन्होंने कहा कि India सभी धर्मों के नागरिकों का देश है, लेकिन बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्याओं को मतदान का अधिकार नहीं दिया जा सकता.

उन्होंने विपक्ष पर घुसपैठियों के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मतदाता सूची में त्रुटियों को दूर करना जरूरी है. नोटिस मिलने पर संबंधित व्यक्ति निर्वाचन अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखकर सुधार करा सकता है. इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता और अरवल विधायक मनोज शर्मा ने कहा कि एसआईआर को लेकर विपक्ष संवैधानिक प्रक्रियाओं के खिलाफ दूषित और भ्रामक प्रचार कर रहा है. संविधान का अनुच्छेद 324 चुनाव आयोग को चुनावों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की जिम्मेदारी देता है. उन्होंने सवाल किया कि मतदाता सूची को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाने की प्रक्रिया पर आपत्ति क्यों होनी चाहिए.

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एमएनपी/डीएससी

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