एसआईआर कोई नई प्रक्रिया नहीं, कांग्रेस शासन में 10 बार हो चुका है: मदन राठौड़

jaipur, 30 अक्टूबर . Rajasthan भाजपा अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का बचाव करते हुए कहा कि यह प्रक्रिया न तो India में नई है और न ही दुनिया में कोई अभूतपूर्व व्यवस्था है.
एसआईआर में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्ष के विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए मदन राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस Government के दौरान यह प्रक्रिया 10 बार लागू की गई थी, लेकिन अब वही पार्टी इस पर सवाल उठा रही है और लोकतंत्र के खतरे में होने का आरोप लगा रही है.
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस गलत जानकारी फैलाकर भ्रम पैदा करने का प्रयास कर रही है. राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति में आपातकाल जैसी मानसिकता झलकती है.
भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने Political एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए विदेशी टूलकिट का सहारा ले रही है. उन्होंने कहा कि ऐसी राजनीति न तो जनता के हित में है और न ही लोकतंत्र के.
पूर्व Chief Minister अशोक गहलोत द्वारा हाल ही में दिवंगत Prime Minister इंदिरा गांधी को लोकतंत्र से जोड़कर दिए गए बयान पर भी राठौड़ ने निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को खुश करने के लिए भ्रामक बयान दिए जा रहे हैं.
राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस को अपनी ‘India बचाओ’ रैली में नारे लगाने से पहले इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल को याद करना चाहिए. उन्होंने कहा कि उस दौर में समाचार पत्रों पर सेंसरशिप लगाई गई थी, नागरिकों के अधिकार निलंबित कर दिए गए थे और कई Political नेताओं को जेल में डाल दिया गया था.
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी का ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान कांग्रेस के लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर अपनाए जा रहे दोहरे रवैये के बारे में जनता को जागरूक करने के लिए चलाया जा रहा है.
राठौड़ ने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान लगभग 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने के कांग्रेस के आरोपों पर भी सवाल उठाए.
उन्होंने आंकड़ों का अपना पक्ष रखते हुए दावा किया कि इनमें से 2.8 करोड़ मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी थी, 6.3 करोड़ मतदाता अपने निवास स्थान बदल चुके थे, लगभग 1 करोड़ मतदाता एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत थे और 3 करोड़ मतदाताओं का पता नहीं चल सका था.
उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं का पता नहीं चल पाया है, उन्हें केवल सत्यापन के लिए चिन्हित किया गया है, उन्हें स्वतः मतदाता सूची से नहीं हटाया गया है.
कांग्रेस के विरोध पर सवाल उठाते हुए राठौड़ ने पूछा कि क्या पार्टी चाहती है कि मृत या स्थानांतरित हो चुके लोगों के नाम मतदाता सूची में बने रहें और उनका दुरुपयोग किया जाए.
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस मतदाता सूची पुनरीक्षण की इस प्रक्रिया को लोकतंत्र के लिए खतरा बताने की कोशिश कर रही है, जबकि सटीक और अद्यतन मतदाता सूची बनाए रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है.
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एएमटी/डीकेपी


