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Wednesday, 4 November 2026
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‘इंग्लैंड से हार के बाद एक्शन लेना जरूरी था’, अमोल मजूमदार ने वनडे विश्व कप 2025 को याद किया

‘इंग्लैंड से हार के बाद एक्शन लेना जरूरी था’, अमोल मजूमदार ने वनडे विश्व कप 2025 को याद किया

New Delhi, 3 नवंबर . इंडिया के हेड कोच अमोल मजूमदार ने बताया कि आईसीसी विमेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 के दौरान इंग्लैंड से मिली हार के बाद उन्होंने ड्रेसिंग रूम में टीम की कमियों को दूर करने का फैसला किया. उनका मानना था कि टीम की किस्मत बदलने के लिए सीधा दखल देना जरूरी था.

मजूमदार ने कहा कि उन्होंने अपने सपोर्ट स्टाफ के सदस्यों की आपत्तियों के बावजूद खिलाड़ियों से बात करने का फैसला किया, क्योंकि ग्रुप स्टेज में इंडिया की तीसरी हार ने यह साफ कर दिया था कि टीम को जवाब देने की जरूरत है.

इंग्लैंड के खिलाफ हार इंडियन कैंप के लिए खास तौर पर निराशाजनक थी, क्योंकि टीम इस उम्मीद में उतरी थी कि वह एक बड़ी जीत हासिल करेगी. हालांकि, मैच खत्म करने में उनकी नाकामी ने मजूमदार को खिलाड़ियों के साथ बातचीत में एक अलग तरीका अपनाने के लिए मजबूर किया.

अपने फैसले की वजह बने हालात को याद करते हुए, इंडिया के हेड कोच ने कहा कि उन्हें लगा कि टीम के साथ एक और रूटीन चर्चा जरूरी बदलाव लाने के लिए काफी नहीं होगी.

मजूमदार ने जियोस्टार को बताया, “इंग्लैंड के खिलाफ ग्रुप स्टेज का मैच, जिसे हमें अच्छे मार्जिन से जीतना था, हम खत्म नहीं कर पाए और हार गए. यह वर्ल्ड कप में हमारी तीसरी हार थी. मैं इससे खुश नहीं था, न ही खिलाड़ी. मैंने तय किया कि हमें वहां कुछ करना होगा. जब तक हम एक्शन नहीं लेते, कुछ नहीं बदलने वाला था.”

उन्होंने कहा, “मेरे सपोर्ट स्टाफ ने कहा, ‘अभी नहीं, अमोल.’ लेकिन मैंने कुछ और ही तय किया. मैंने कहा, ‘नहीं, अगर अभी नहीं, तो कभी नहीं.’ मैंने दखल दिया. मैंने खिड़कियां बंद करने की बात कही क्योंकि मैं नहीं चाहता था कि पब्लिक इसे देखे. मैंने बस वही कहा जो मैंने अपने दिल से महसूस किया. टीम की तरफ से यह बहुत अच्छा था कि उन्होंने इसे सकारात्मक तरीके से लिया क्योंकि यह टीम की बेहतरी के लिए था.”

मजूमदार ने बताया कि उनका दखल टीम में दिख रही क्षमता और मैचों के दौरान खिलाड़ी जो कर पा रहे थे, उसके बीच के अंतर को देखते हुए था. उनका मानना था कि टीम की काफी व्यक्तिगत क्षमता को तब प्रदर्शन में बदलना चाहिए, जब इसकी सबसे ज्यादा जरूरत हो, न कि यह सिर्फ अभ्यास सत्र के दौरान ही सीमित रह जाए.

कोच ने अपने मैसेज पर खिलाड़ियों के रिस्पॉन्स का भी जिक्र किया और कहा कि बातचीत की इंटेंसिटी के बावजूद ड्रेसिंग रूम ने जिस तरह से उनकी बातों को सुना, वह उनके लिए बहुत अच्छा था.

उन्होंने कहा, “हर कोई जानता है कि ये खिलाड़ी कितने टैलेंटेड हैं. मैं लकी था कि मुझे बहुत टैलेंटेड खिलाड़ियों को संभालने का मौका मिला. जब तक आप मैदान पर वह टैलेंट नहीं दिखाते, तब तक उसका कोई नतीजा नहीं निकलने वाला था. आप ड्रेसिंग रूम में, मीटिंग में, ड्राइंग रूम में या होटलों में बोल सकते हैं, लेकिन जब तक आप इसे मैदान पर नहीं दिखाते, तब तक इसका कोई मतलब नहीं होता. इसलिए, मैं बस चाहता था कि वे इसे समझें.”

भारतीय महिला टीम ने दक्षिण अफ्रीका को फाइनल में हराकर वनडे विश्व कप 2025 का खिताब जीता था. यह भारतीय महिला टीम का पहला आईसीसी खिताब था.

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पीएके

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