‘पहली बार सत्ता पक्ष विपक्ष के खिलाफ सड़कों पर उतरा’, भाजपा की पदयात्रा पर बोलीं आराधना मिश्रा

Lucknow, 4 नवंबर . गोरखपुर में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में निकाली गई ‘लोकतंत्र बचाओ’ पदयात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ने भाजपा पर जुबानी हमला किया. उन्होंने कहा कि देश में शायद पहली बार ऐसा देखने को मिल रहा है कि सत्ता पक्ष ही विपक्ष के खिलाफ सड़कों पर उतरकर आंदोलन कर रहा है. इसे भाजपा की बौखलाहट और पार्टी के भीतर मची खलबली का परिणाम बताते हुए आराधना मिश्रा ने कहा कि यह भाजपा की बौखलाहट को दर्शाता है.
आराधना मिश्रा ने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ होगा कि सत्ता पक्ष विपक्ष के खिलाफ सड़कों पर आंदोलन कर रहा है. यह भाजपा की बौखलाहट को दर्शाता है. भाजपा के भीतर ऐतिहासिक रामलीला रैली के बाद खलबली मची हुई है और इसी वजह से सत्ताधारी पार्टी को खुद सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ा है.
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में समानांतर व्यवस्था चलाए जाने और वहां अलग गृह मंत्री, Chief Minister और वित्त मंत्री होने के मुद्दे पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने इस संदर्भ में भाजपा पर संवैधानिक संस्थाओं के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए. मिश्रा ने कहा कि वर्तमान समय में संवैधानिक संस्थाओं के सामने गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. उन्होंने चुनाव आयोग को देश के लोकतंत्र की रक्षा करने वाली सबसे महत्वपूर्ण संस्थाओं में से एक बताया. उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर उनके दो सहयोगियों की ओर से आरोप लगाए गए हैं कि एसआईआर के नाम पर देशभर में 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम काट दिए गए.
उन्होंने सवाल किया कि जब विपक्ष चुनाव आयोग से जवाब मांग रहा है तो भाजपा जवाब देने के लिए क्यों आगे आ रही है? उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने मुख्य चुनाव आयुक्त के बचाव में सैकड़ों धरने और प्रेस कॉन्फ्रेंस की हैं. विपक्ष चुनाव आयुक्त से सवाल पूछ रहा है लेकिन जवाब भाजपा दे रही है. इससे यह स्पष्ट होता है कि भाजपा का संवैधानिक संस्थाओं पर कितना विश्वास रह गया है. उन्होंने कहा कि भाजपा को न तो देश के संविधान पर विश्वास है और न ही लोकतंत्र पर. संवैधानिक संस्थाओं को भाजपा ने अपने Political इस्तेमाल का माध्यम बना लिया है.
चुनाव आयोग की ओर से फॉर्म-6 को लेकर राहत दिए जाने पर आराधना मिश्रा ने कहा कि यह बहुत बड़ा घटनाक्रम है. उन्होंने आरोप लगाया कि फॉर्म-6 में जो जटिलताएं जोड़ी गई थीं, उनकी वजह से बिहार, पश्चिम बंगाल और कई अन्य राज्यों में मतदाताओं के नाम कटे. फॉर्म में जो अतिरिक्त कॉलम जोड़े गए थे, उन्हें भरने में लोग असमर्थ रहे और इसी कारण उनके नाम मतदाता सूची से हट गए. अब फॉर्म-6 के नियमों में राहत देना इस बात का संकेत है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए गए सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
आराधना मिश्रा ने कहा कि पिछले एक साल में नाम काटने की प्रक्रिया में Governmentी संसाधन, धन, समय और मैनपावर खर्च हुए. आम लोगों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ी. कई लोग दिनभर लाइनों में खड़े रहे, लेकिन इसके बावजूद उनके नाम मतदाता सूची में नहीं जुड़ पाए. जिन राज्यों में चुनाव हो चुके हैं, वहां कई लोगों को उनके मताधिकार से वंचित होना पड़ा. इसकी जवाबदेही कौन लेगा? यह एक अक्षम्य अपराध है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाब देना होगा.
आराधना मिश्रा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग की. उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं होता है तो उनके खिलाफ महाभियोग चलाकर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए.
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों और प्रियंका गांधी के साथ हुई बैठक के बारे में आराधना मिश्रा ने बताया कि पार्टी ने चुनावी तैयारियों की औपचारिक शुरुआत कर दी है. उन्होंने कहा कि पिछले दिन हुई महत्वपूर्ण बैठक में चुनाव से जुड़ी विभिन्न समितियों के गठन और उनकी जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा हुई. बैठक में मेनिफेस्टो कमेटी, मैनेजमेंट कमेटी, कोऑर्डिनेशन कमेटी और मीडिया कमेटी जैसे महत्वपूर्ण विभागों को लेकर विचार-विमर्श किया गया. उन्होंने बैठक को सकारात्मक और ऊर्जा से भरपूर बताया.
आराधना मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस अब पूरी ताकत के साथ 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ेगी. पार्टी का लक्ष्य केवल चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि चुनाव जीतकर उत्तर प्रदेश में Government बनाना है. उन्होंने कहा कि समितियों और अन्य तैयारियों को लेकर जल्द ही निर्णय लिए जाएंगे.
Chief Minister योगी आदित्यनाथ द्वारा एसआईआर के दौरान उत्तर प्रदेश में एक करोड़ से अधिक नाम कटने की बात स्वीकार किए जाने पर आराधना मिश्रा ने भाजपा पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि यह बड़ी विडंबना है कि एक तरफ भाजपा के नेता और संगठन मुख्य चुनाव आयुक्त का बचाव कर रहे हैं और उनके समर्थन में पदयात्रा तथा आंदोलन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर यूपी के Chief Minister खुद स्वीकार कर रहे हैं कि प्रदेश में सवा करोड़ नाम गलत तरीके से कटे हैं.
उन्होंने कहा कि विपक्ष लंबे समय से यही आरोप लगा रहा था कि मतदाता सूची से गलत तरीके से नाम हटाए जा रहे हैं. आराधना मिश्रा ने पीलीभीत और मथुरा की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि अन्य जिलों और प्रदेशों में भी ऐसी स्थिति सामने आई है. उन्होंने कहा कि Chief Minister का बयान विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों को सही साबित करता है. जब Chief Minister खुद गलत तरीके से नाम कटने की बात स्वीकार कर रहे हैं तो इससे बड़ा प्रमाण और क्या हो सकता है.
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पीएसके/पीएम


