कर्नाटक : विवादित बयान पर घिरे चलावाडी नारायणस्वामी, कांग्रेस ने की गिरफ्तारी की मांग

Bengaluru, 4 नवंबर . कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के उपाध्यक्ष एच. अंजनेय ने Wednesday को विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलावाडी नारायणस्वामी की विवादित टिप्पणी को लेकर उनकी गिरफ्तारी की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि नारायणस्वामी के बयान ने कांग्रेस के शांतिप्रिय कार्यकर्ताओं को उकसाने का काम किया है.
गौरतलब है कि चलावाडी नारायणस्वामी ने हाल ही में कहा था कि यदि कांग्रेस देश में अराजकता फैलाना जारी रखती है, तो भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक कांग्रेस कार्यकर्ताओं के टुकड़े-टुकड़े कर उन्हें अरब सागर में फेंक देंगे. उनके इस बयान के बाद Political विवाद खड़ा हो गया.
नारायणस्वामी ने यह बयान कोलार में भाजपा द्वारा आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता मिटाओ’ पदयात्रा के दौरान दिया था. यह पदयात्रा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के जवाब में आयोजित की गई थी.
केपीसीसी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अंजनेय ने नारायणस्वामी के बयान की कड़ी निंदा की. उन्होंने सवाल किया कि क्या किसी राजनेता को इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए या यह भाषा आतंकवादियों द्वारा इस्तेमाल की जाती है.
उन्होंने आरोप लगाया कि हिंसा और आतंकवाद से जुड़ी भाषा का प्रयोग कर नारायणस्वामी ने महात्मा गांधी के सिद्धांतों में विश्वास रखने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भड़काने का प्रयास किया है.
अंजनेय ने कहा, “हम हिंसा में विश्वास नहीं करते और न ही असंवैधानिक या असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करना चाहते हैं.” उन्होंने मांग की कि Police स्वत: संज्ञान लेते हुए नारायणस्वामी के खिलाफ मामला दर्ज करे और उन्हें गिरफ्तार करे.
अंजनेय ने बताया कि कांग्रेस कोलार में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रही है. साथ ही कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेकर अन्य स्थानों पर भी मामले दर्ज कराने की संभावना पर विचार किया जा रहा है.
उन्होंने आरोप लगाया कि नारायणस्वामी की टिप्पणी लोगों में डर पैदा करने के उद्देश्य से की गई है और यह अपराधियों जैसी भाषा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता ऐसी धमकियों को बर्दाश्त नहीं करेंगे.
अंजनेय ने कहा, “हम वे लोग हैं जिन्होंने आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों की गोलियां झेली थीं. कांग्रेस नेताओं ने सभी धर्मों और समुदायों के लोगों को साथ लेकर देश का निर्माण किया. हमने हमेशा देश की एकता, अखंडता और शांति को प्राथमिकता दी है. इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने भी देश की एकता और अखंडता के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया.”
भाजपा के इस आरोप पर कि कांग्रेस देश में अराजकता फैला रही है और युवा इसके खिलाफ सड़कों पर उतर रहे हैं, अंजनेय ने कहा कि कांग्रेस ने न तो ट्रेनों में बम लगाए हैं और न ही किसी तरह की हिंसक गतिविधियों में शामिल रही है.
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी नागरिकों के मतदान अधिकारों की रक्षा के लिए संवैधानिक तरीके से संघर्ष कर रहे हैं.
अंजनेय ने इस अभियान को दूसरे स्वतंत्रता आंदोलन जैसी लड़ाई बताते हुए आरोप लगाया कि केंद्र Government Political विरोधियों को निशाना बनाने और दबाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसे गैर-जिम्मेदाराना और अपमानजनक बयानों से डरने वाली नहीं है और न ही इसी तरह की भाषा का इस्तेमाल करेगी.
अंजनेय ने कहा कि कांग्रेस के नेता अपने विरोधियों की आलोचना हमेशा संसदीय भाषा में ही करेंगे, जैसा उन्हें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने सिखाया है.
उन्होंने यह भी मांग की कि यदि भाजपा की कोई नैतिक जिम्मेदारी है तो वह नारायणस्वामी को विधान परिषद में विपक्ष के नेता के पद से हटा दे.
अंजनेय ने दावा किया कि नारायणस्वामी पहले कांग्रेस से जुड़े रहे हैं और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर भी काम कर चुके हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने केवल अपना Political दुपट्टा बदला है.
उन्होंने आरोप लगाया कि नारायणस्वामी ने कांग्रेस के साथ विश्वासघात किया है और उनका Political भविष्य लंबा नहीं होगा.
अंजनेय ने कहा कि नारायणस्वामी प्रचार पाने और खुद को बड़ा नेता साबित करने के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं, इसलिए उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए.
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में केपीसीसी के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष बीएन चंद्रप्पा, केपीसीसी एससी विभाग के अध्यक्ष आर. धर्मसेना और केपीसीसी महासचिव वेंकटेश भी मौजूद रहे.
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एएमटी/पीएम


