
New Delhi, 13 सितंबर . भारतीय नौसेना आईएनएस सुदर्शिनी इटली से आगे बढ़ गया है. इटली के लिवोर्नो से सुदर्शिनी अपनी अगली समुद्री यात्रा के लिए सफर शुरू किया है. इससे पहले यह विशेष भारतीय पोत ने लिवोर्नो में बंदरगाह प्रवास पर था.
यह नौसेना का एक पारंपरिक पोत है जो ‘लोकायन 2026’ के तहत विभिन्न देशों की यात्रा पर है. दरअसल आईएनएस सुदर्शिनी भारतीय नौसेना का एक प्रतिष्ठित पाल वाला पारंपरिक पोत है. इसका उपयोग प्रशिक्षण, समुद्री जागरूकता और अंतरराष्ट्रीय सद्भावना यात्राओं के लिए किया जा रहा है.
वर्तमान में यह लोकायन 2026 वैश्विक समुद्री अभियान पर है. इस अभियान के तहत विभिन्न देशों के बंदरगाहों का दौरा कर India की समुद्री विरासत, संस्कृति और नौसैनिक परंपराओं का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है. इटली के लिवोर्नो में अपने प्रवास के दौरान सुदर्शिनी पर कई पेशेवर गतिविधियां हुईं.
इटली की नौसेना के प्रमुख, एडमिरल ज्यूसेपे बेरुत्ती बर्गोत्तो ने पोत का दौरा किया. उन्होंने चालक दल और प्रशिक्षु नौसैनिकों से बातचीत की. उन्हें पोत की यात्रा और प्रशिक्षण गतिविधियों की जानकारी दी गई.
आईएनएस सुदर्शिनी के कमांडिंग ऑफिसर ने इटली की नौसेना अकादमी के कमांडेंट रियर एडमिरल अल्बेर्तो ताराबोत्तो से मुलाकात की. इस दौरान दोनों पक्षों ने समुद्री अभियान से जुड़े अपने अनुभव साझा किए. यहां लिवोर्नो के मेयर लुका सालवेत्ती और उप प्रीफेक्ट एदोआर्दो लोम्बार्दी के साथ भी बातचीत हुई.
प्रशिक्षण गतिविधियों के तहत भारतीय प्रशिक्षु नौसैनिकों ने इटली के नौसैनिक पोत आईटीएस विर्जिनियो फासन और इटली की नौसेना अकादमी का दौरा किया. वहीं, इटली के नौसैनिक कर्मी आईएनएस सुदर्शिनी पर पहुंचे. इन मुलाकातों से दोनों देशों के नौसैनिकों को एक-दूसरे के प्रशिक्षण और कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिला.
सुदर्शिनी पर एक स्वागत समारोह भी आयोजित किया गया. इसमें इटली के वरिष्ठ नौसैनिक अधिकारी, स्थानीय प्रशासन के अधिकारी, राजनयिक प्रतिनिधि और अन्य विशिष्ट अतिथि शामिल हुए.
लिवोर्नो से रवाना होने के बाद सुदर्शिनी अब लोकायन 2026 की अगली मंजिल की ओर बढ़ गया है. यह अभियान India और इटली के बीच समुद्री मित्रता और सहयोग को मजबूत करने के साथ महासागर की भावना को भी आगे बढ़ा रहा है.
लिवोर्नो से आगे बढ़ते हुए आईएनएस सुदर्शिनी लोकायन 2026 की यात्रा जारी रखेगा. यह अभियान समुद्री साझेदारी को मजबूत करने और महासागर यानी क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र प्रगति की भावना को आगे बढ़ाने का संदेश देता है.
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जीसीबी/डीकेपी