
कोलकाता, 13 सितंबर . पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के सिंगूर में Police ने पूर्व राज्य मंत्री बेचाराम मन्ना के करीबी सहयोगी और ठेकेदार अर्नब सिन्हा रॉय को जमीन की कथित फर्जी बिक्री के आरोप में गिरफ्तार किया है. Police ने Sunday को उन्हें चंदननगर उप-मंडल अदालत में पेश किया. मामला गैर-जमानती धाराओं के तहत दर्ज किया गया है.
अदालत ले जाते समय अर्नब सिन्हा रॉय ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को झूठा बताते हुए कहा कि उन्हें Political साजिश के तहत फंसाया गया है.
शिकायत के अनुसार, सिंगूर थाना क्षेत्र के बड़ा इलाके के झांकरी गांव निवासी तारापद मंडल की वर्ष 2001 में मृत्यु हो गई थी. आरोप है कि वर्ष 2014 में उनकी संपत्ति को धोखाधड़ी के जरिए बेच दिया गया.
इस संबंध में मृतक के बेटों ने वर्ष 2017 में शिकायत दर्ज कराई थी. उनका आरोप है कि उन्होंने उस समय के विधायक और मंत्री बेचाराम मन्ना से भी इस मामले की शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.
इस वर्ष राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद तारापद मंडल के बेटे विश्वनाथ मंडल ने Police में नई शिकायत दर्ज कराई. इसके आधार पर Police ने पहले दो लोगों को गिरफ्तार किया और बाद में उनसे मिली जानकारी के आधार पर अर्नब सिन्हा रॉय को भी हिरासत में ले लिया.
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, अर्नब सिन्हा रॉय के पूर्व मंत्री बेचाराम मन्ना और उनकी पत्नी करबी मन्ना से अच्छे संबंध रहे हैं. आरोप है कि उन्होंने प्रभावशाली लोगों से नजदीकियों का फायदा उठाकर कई अनैतिक कार्य किए.
शिकायतकर्ता विश्वनाथ मंडल ने दावा किया कि उनके परिवार की करीब 90 प्रतिशत जमीन धोखाधड़ी के जरिए बेच दी गई. उन्होंने कहा कि ऐसे कई और मामले भी हैं, जिनमें आम लोगों की जमीन कथित तौर पर गलत तरीके से कब्जा कर ली गई. उन्होंने प्रशासन से अपनी जमीन वापस दिलाने की मांग की है.
वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दावा किया कि अर्नब सिन्हा रॉय तृणमूल कांग्रेस में किसी पद पर नहीं थे, लेकिन बेचाराम मन्ना के करीबी होने के कारण उन्हें जिला परिषद के तहत लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के ठेकेदार संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली थीं. भाजपा का आरोप है कि उस समय मंत्री के प्रभाव के कारण उनके खिलाफ शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी.
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एएमटी/डीकेपी