Monday , 10 May 2021

आयोग ने किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म पर लिया संज्ञान

भोपाल (Bhopal) . मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) मानवाधिकार आयोग ने मीडिया (Media) रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश के उमरिया में 13 वर्षीय किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में स्वत: संज्ञान लिया है. मानवाधिकार आयोग ने प्रदेश के मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस और पुलिस (Police) महानिदेशक विवेक जौहरी को नोटिस जारी किया है. आयोग ने सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन और कानून-व्यवस्था की खामी माना है. आयोग की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि मामले की विस्तृत रिपोर्ट चार सप्ताह के भीतर दी जाए. इस मामले से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की लचर स्थिति उजागर हुई है. इस जघन्य अपराध में कई बार पीड़िता के मानवाधिकारों का उल्लंघन किया गया. पुलिस (Police) इस मामले में कानून की स्थिति बनाए रखने में बुरी तरह विफल रही है. चार सप्ताह के भीतर आयोग को घटना की रिपोर्ट दी जाए. रिपोर्ट में यह भी बताना है कि कितने आरोपितों की गिरफ्तारी हुई है और कितने आरोपित फरार हैं. इसके अलावा पीड़िता की स्थिति और उसे दी गई राहत के बारे में भी जानकारी देनी है.

मालूम हो ‎कि उमरिया में 13 वर्षीय किशोरी का दो बार अपहरण कर नौ लोगों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म किया गया. मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. दो फरार हैं. किशोरी को चार जनवरी को उसका परिचित अपहरण कर सुनसान जगह ले गया. वहां अगवा करने वाले और छह अन्य लोगों ने दुष्कर्म किया. पांच जनवरी को उसे छोड़ दिया. इनमें से एक आरोपित ने 11 जनवरी को किशोरी का फिर अपहरण किया और पिछली घटना के तीन आरोपितों सहित अज्ञात दो ट्रक चालकों ने दुष्कर्म किया. किशोरी इनके चुंगल से निकली तो उसकी मां ने 14 जनवरी को पुलिस (Police) में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस (Police) ने दुष्कर्म सहित विभिन्न् धाराओं में प्रकरण दर्ज कर सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. दो फरार हैं. ‎किशोरी का कहना है ‎कि आरोपितों ने घटना के बारे में जानकारी देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी. यही वजह है ‎कि डरकर किशोरी ने पुलिस (Police) से कोई शिकायत नहीं की.

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