
इंफाल, 19 अप्रैल . गृह मंत्री गोविंददास कोंथौजम ने राज्य में प्रस्तावित पांच दिवसीय पूर्ण बंद को वापस लेने की अपील की है. उन्होंने सभी नागरिक समाज संगठनों और जनता से शांति बनाए रखने और बातचीत के रास्ते मुद्दों को सुलझाने का आग्रह किया.
गृह मंत्री Sunday को इंफाल में Chief Minister सचिवालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि लंबे बंद और विरोध प्रदर्शनों से दिहाड़ी मजदूरों, किसानों और छात्रों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है. खासकर जब स्कूल-कॉलेज बंद रहते हैं, तो बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है.
मंत्री ने बताया कि ट्रोंगलाओबी घटना से जुड़ी संयुक्त कार्य समिति (जेएसी) की लगभग सभी मांगों पर Government सहमत हो चुकी है. उन्होंने बताया कि मारे गए दोनों बच्चों के पिता श्री मंगल को बीएसएफ के समकक्ष Governmentी नौकरी की पेशकश की गई थी. उनकी मां, जो प्रशिक्षित नर्स हैं, को भी Governmentी नौकरी देने का प्रस्ताव दिया गया था. लेकिन दोनों परिवार विस्तार से चर्चा करने के बाद वापस चले गए और फिर पांच दिन के बंद का आह्वान कर दिया गया. गृह मंत्री ने इसे ‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया.
टी कासोम गांव में हाल ही में हुई घटना पर भी उन्होंने दुख जताया और कहा कि राज्य Government ने इसकी कड़ी निंदा की है. तांगखुल नागा लोंग (टीएनएस) द्वारा सौंपी गई मांगों पर उपChief Minister लोसी दीखो की अध्यक्षता में बैठक हो चुकी है. Government दोनों मृतकों के परिवारों को मुआवजा और घायलों को चिकित्सा सहायता देगी.
गृह मंत्री ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल चुनाव के कारण 103 सीएपीएफ कंपनियां मणिपुर से वापस बुलाई जा रही हैं, लेकिन Chief Minister के अनुरोध पर 184 कंपनियां राज्य में ही रहेंगी. इसके अलावा Government माइन-प्रोटेक्टेड और बुलेट-प्रूफ वाहन भी ला रही है ताकि आम लोगों की सुरक्षा बढ़ाई जा सके.
गोविंददास कोंथौजम ने कहा, “हम सभी समुदायों से अपील करते हैं कि वे Government के साथ सहयोग करें. हम हर नागरिक की जान और संपत्ति की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं. President शासन के बाद यह Government भले ही नई हो, लेकिन शांति और सौहार्द स्थापित करने के लिए पूरी तरह समर्पित है. हमें थोड़ा समय दें.”
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एससीएच