पश्चिम बंगाल के शिक्षकों ने सीएम ममता बनर्जी से की 7वें वेतन आयोग को लागू करने की मांग

कोलकाता, 22 मार्च . शिक्षक और शिक्षा कर्मियों के संगठन ने पश्चिम बंगाल की Chief Minister ममता बनर्जी से राज्य के शिक्षकों और शिक्षा कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग के दायरे में लाने की मांग की है. संगठन की ओर से भेजे गए पत्र में Chief Minister से इस मामले में तुरंत कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है.

संगठन के एक सदस्य ने Sunday को बताया कि मांग के संबंध में एक पत्र Saturday को Chief Minister ममता बनर्जी को भेजा गया था. पत्र में कहा गया है, “फरवरी में राज्य का बजट पेश करते समय Chief Minister ने 7वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा की थी. उस समय पश्चिम बंगाल विधानसभा में दिए गए बयान के अनुसार, यह संकेत है कि इस आयोग के लाभ मुख्य रूप से Governmentी कर्मचारियों पर लागू होंगे.”

हालांकि, संगठन का कहना है कि शिक्षकों, शिक्षा कर्मचारियों और Governmentी सहायता प्राप्त संस्थानों के कर्मचारियों की स्थिति स्पष्ट रूप से नहीं बताई गई थी. संगठन का यह भी कहना है कि शिक्षक और शिक्षा कर्मचारी लंबे समय से राज्य की शिक्षा प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं. उनका यह तर्क है कि उन्हें 7वें वेतन आयोग के दायरे में लाना उनके वेतन ढांचे, वित्तीय सुरक्षा और कार्य परिस्थितियों को सुधारने के लिए जरूरी है.

संगठन ने चेताया कि अगर लाभ सिर्फ Governmentी कर्मचारियों तक सीमित रहेंगे, तो शिक्षा क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा वंचित रह जाएगा. पत्र में यह भी कहा गया है कि आने वाले चुनावों को ध्यान में रखते हुए, ऐसे महत्वपूर्ण फैसले में भेदभावपूर्ण दृष्टिकोण कर्मचारियों में असंतोष पैदा कर सकता है.

संगठन ने आयोग के दिशानिर्देशों का तुरंत प्रकाशन करने की मांग की है, ताकि सभी योग्य कर्मचारियों, जिनमें शिक्षक और शिक्षा कर्मचारी शामिल हैं, को शामिल किया जा सके. संगठन के नेता स्वपान मंडल की ओर से हस्ताक्षरित इस पत्र में शीघ्र प्रशासनिक कार्रवाई की अपील की गई है.

डीसीएच/

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