वोट शेयर और सीटों की गणना अलग-अलग चीजें हैं : मनोज कुमार सिंह

नोएडा, 30 अप्रैल . मैटराइज न्यूज कम्युनिकेशंस प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर मनोज कुमार सिंह ने चुनावी आंकड़ों और रुझानों को लेकर महत्वपूर्ण बातें साझा कीं. उन्होंने असम के मतदान प्रतिशत पर कहा कि वोट प्रतिशत से सीधे सीटों का अनुमान लगाना सही नहीं होता.

मनोज कुमार सिंह ने से कहा, “वोट शेयर और सीटों की गणना अलग-अलग चीजें हैं. असम छोटा राज्य है, इसलिए वोट प्रतिशत में थोड़ा सा बदलाव भी बड़ा असर डाल सकता है. ऐसे में सिर्फ वोट प्रतिशत के आधार पर सीटों का अनुमान लगाना भ्रम पैदा कर सकता है.”

असम के पिछले चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वह एकतरफा मुकाबला बन गया था. इसके पीछे कई कारण थे, लेकिन उन्होंने खास तौर पर कांग्रेस द्वारा लगाए गए एक आरोप को महत्वपूर्ण बताया.

मनोज सिंह ने कहा, “कांग्रेस ने Chief Minister हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी के पासपोर्ट को लेकर तीन देशों की नागरिकता का मुद्दा उठाया था. Chief Minister ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और कार्रवाई भी हुई. इसके बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा असम छोड़कर चले गए, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच यह धारणा बनी कि उनका नेतृत्व कमजोर है.”

तमिलनाडु चुनाव पर अपनी राय रखते हुए मनोज कुमार सिंह ने कहा कि वहां डीएमके की पकड़ मजबूत बनी हुई है.

उन्होंने कहा, “एक नई पार्टी टीवीके से काफी उम्मीदें थीं, खासकर युवाओं के बीच उसका असर दिखा. इसके अलावा ईसाई वोट भी तमिलनाडु की राजनीति में अहम भूमिका निभाता है, जहां डीएमके की अच्छी पकड़ मानी जाती है, खासकर एमके स्टालिन के नेतृत्व में.”

मनोज सिंह ने सीटों के संभावित आंकड़ों पर भी अपने पूर्वानुमान साझा किए. उन्होंने कहा, “हमने अनुमान लगाया था कि डीएमके को लगभग 122 से 132 सीटें मिल सकती हैं, जिससे वह स्पष्ट बहुमत के साथ Government बनाएगी और किसी तरह की त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति नहीं बनेगी. वहीं, एआईएडीएमके को 87 से 100 सीटें मिलने का अनुमान था.”

टीवीके को लेकर उन्होंने कहा कि यह पार्टी दोनों प्रमुख दलों (डीएमके और एआईएडीएमके) के वोट काट सकती है. यह टीवीके का पहला चुनाव है और नई मौजूदगी के चलते हमने इसके अच्छे वोट शेयर की उम्मीद की है.

वीकेयू/एबीएम

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