गुजरात की तरह समृद्धि के पथ पर मध्य प्रदेश : सीएम मोहन यादव

Bhopal , 30 अप्रैल . Chief Minister मोहन यादव ने Thursday को कहा कि Madhya Pradesh लगातार समृद्धि की ओर बढ़ रहा है और Gujarat की तर्ज पर विकास करने की राह पर है.

Chief Minister ने कहा कि प्रदेश Gujarat की तरह ही समृद्ध हो रहा है. उन्होंने इसका श्रेय Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व और राज्य में विकास की अहम पहलों के लिए केंद्र Government के सहयोग को दिया. सीएम यादव ने ये बातें Bhopal के रवींद्र भवन में आयोजित ‘कृषि कर्मयोगी’ (कृषि कार्यकर्ता) ओरिएंटेशन ट्रेनिंग और वर्कशॉप को संबोधित करते हुए कहीं.

प्रमुख परियोजनाओं पर प्रकाश डालते हुए Chief Minister ने कहा कि Madhya Pradesh को तीन महत्वपूर्ण नदी-जोड़ो परियोजनाएं मिली हैं, जिनसे जल उपलब्धता में काफी सुधार होने और कृषि क्षेत्र को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

उन्होंने बताया कि केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट से बुंदेलखंड क्षेत्र को फ़ायदा हो रहा है, जबकि पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) प्रोजेक्ट से Madhya Pradesh के कई जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्य Rajasthan को भी सिंचाई और पानी की सुविधा मिलेगी.

सीएम यादव ने कहा कि केंद्र Government ने प्रोजेक्ट की कुल लागत का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा दिया है, जो जल सुरक्षा, सिंचाई के विस्तार और ग्रामीण विकास के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दिखाता है.

उन्होंने यह भी बताया कि Rajasthan के कई जिलों के लोगों ने पीकेसी प्रोजेक्ट पर आम सहमति बनाने और इसकी प्रगति में मदद करने के लिए Madhya Pradesh का आभार व्यक्त किया है. Madhya Pradesh को ‘नदियों की मातृभूमि’ बताते हुए Chief Minister ने जल संसाधनों के प्रभावी उपयोग, संरक्षण और वैज्ञानिक प्रबंधन की आवश्यकता पर जोर दिया.

उन्होंने कहा कि जिस तरह Gujarat का विकास माँ नर्मदा के आशीर्वाद से हुआ, उसी तरह हम भी नर्मदा के जल का उपयोग करके अपने पूरे राज्य में समृद्धि लाने के लिए काम कर रहे हैं. Chief Minister ने इस बात पर जोर दिया कि कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और लंबे समय तक इसकी निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए जल संरक्षण अत्यंत आवश्यक है. किसानों और कृषि के भविष्य के लिए पानी की हर एक बूंद महत्वपूर्ण है.

उन्होंने टेक्नोलॉजी अपनाने, बेहतर तालमेल और बेहतर सेवा वितरण तंत्र के ज़रिए कृषि के आधुनिकीकरण के लिए Government के प्रयासों पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि ई-गवर्नेंस, ‘सार्थक’ ऐप, उर्वरक वितरण में सुधार और पराली प्रबंधन जैसी पहलों को प्राथमिकता दी जा रही है.

‘किसान कल्याण वर्ष’ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों और ग्रामीण इलाकों के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए एक समन्वित दृष्टिकोण के माध्यम से 16 विभागों की योजनाओं को एकीकृत किया जा रहा है.

Chief Minister ने कहा कि ऐसी पहल और कार्यशालाएं कृषि उत्पादकता को बेहतर बनाने, किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सहारा देने में अहम भूमिका निभाएंगी. उन्होंने आगे कहा कि जल प्रबंधन, बुनियादी ढांचे के विकास और नवाचार पर लगातार ध्यान देने से Madhya Pradesh को आने वाले वर्षों में दीर्घकालिक विकास और समृद्धि हासिल करने में मदद मिलेगी.

पीएसके

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