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Sunday, 1 November 2026
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भारत ने अशांत पीओके पर पाकिस्तान को घेरा, उनके दावों को बताया ‘भ्रामक’ और ‘मनगढ़ंत’

India ने अशांत पीओके पर Pakistan को घेरा, उनके दावों को बताया ‘भ्रामक’ और ‘मनगढ़ंत’

New Delhi, 23 जून . India के विदेश मंत्रालय ने Tuesday को Pakistan के उन “झूठे दावों” को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें Pakistan ने Pakistan के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में जारी अशांति के लिए India को जिम्मेदार ठहराया था.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि Pakistan के रक्षा मंत्री के लगाए आरोप पूरी तरह निराधार हैं और ये इस्लामाबाद की अपनी विफलताओं और मानवाधिकार उल्लंघनों से ध्यान भटकाने की कोशिश हैं.

उन्होंने कहा, “हम Pakistan के इन झूठे और मनगढ़ंत आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हैं. ये बयान Pakistan की विफलताओं और मानवाधिकार उल्लंघनों से ध्यान भटकाने का प्रयास हैं.”

प्रवक्ता ने कहा कि पीओके में चल रहा विरोध प्रदर्शन Pakistan की दशकों पुरानी दमनकारी नीतियों का परिणाम है, जिसमें आर्थिक शोषण, मौलिक अधिकारों से वंचित रखना और प्रशासनिक दमन शामिल है.

उन्होंने आगे कहा कि Pakistan ने हालात नियंत्रित करने के लिए Police कार्रवाई, आवश्यक वस्तुओं और दवाओं की आपूर्ति पर रोक, इंटरनेट बंदी और नागरिकों पर बल प्रयोग किया है, जिसके चलते कई लोगों की मौत भी हुई है.

विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह इस स्थिति पर ध्यान दे और Pakistan को उसके मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जवाबदेह ठहराए.

रणधीर जायसवाल ने पहले भी 9 जून को कहा था कि Pakistan फर्जी खबरों और वीडियो के जरिए अपनी कमियों को छिपाने और मानवाधिकार उल्लंघनों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है.

रिपोर्ट्स के अनुसार, पीओके के रावलाकोट क्षेत्र में सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़पों में दर्जनों लोगों की मौत और सैकड़ों के घायल होने की खबर है. यह तनाव उस समय बढ़ा जब Pakistanी प्रशासन ने संयुक्त आवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) को आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत प्रतिबंधित संगठन घोषित किया था.

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और प्रवासी कश्मीरी समुदाय ने भी इन घटनाओं पर चिंता जताते हुए नागरिकों पर कथित अत्याचारों की निंदा की है और अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग की है.

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केआर/

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