दिल्ली: दरीयागंज मर्डर केस में 27 साल बाद गिरफ्तारी, तिहाड़ जेल भेजा गया उम्रकैद का दोषी नवाब

New Delhi, 30 अप्रैल . दिल्ली Police की क्राइम ब्रांच (सेंट्रल रेंज) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 1998 के दरीयागंज हत्या मामले में उम्रकैद की सजा पाए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी 2004 में जमानत पर रिहा हुआ था और 2025 में हाई कोर्ट द्वारा अपील खारिज होने के बाद भी सरेंडर नहीं कर रहा था.

दिल्ली Police की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान मोहम्मद नवाब (52) के रूप में हुई है, जो दिल्ली के रंजीत नगर का रहने वाला है.

घटना 29-30 नवंबर 1998 की रात करीब 2 बजे की है, जब दरीयागंज स्थित दिल्ली गेट के पास नवाब ने एक रिक्शा चालक गिआनी पर हमला कर दिया. आरोप है कि रिक्शा चालक द्वारा घर तक ले जाने से मना करने पर नवाब ने उसे पकड़कर गाली-गलौज की, जमीन पर गिराया और पत्थर से सिर पर कई बार वार किए. मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी हरपाल सिंह ने शोर मचाकर Police को सूचना दी. पीसीआर वैन और Police टीम के पहुंचने पर आरोपी भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उसे मौके पर ही दबोच लिया गया. घायल रिक्शा चालक को लोक नायक जय प्रकाश नारायण अस्पताल (एलएनजेपी) ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई.

इसके बाद थाना दरीयागंज में मामला दर्ज हुआ. जांच और ट्रायल के बाद अदालत ने नवाब को आईपीसी की धारा 302 के तहत दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई. आरोपी ने अपनी सजा के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी. वर्ष 2025 में हाईकोर्ट ने उसकी अपील खारिज कर दी और उसे तिहाड़ जेल में सरेंडर करने के आदेश दिए. हालांकि, नवाब ने सरेंडर नहीं किया और जेल प्रशासन ने उसे पैरोल जंपर घोषित कर दिया.

आरोपी की गिरफ्तारी के लिए इंस्पेक्टर महीपाल सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई, जिसमें एसआई गौरव, एएसआई सत्यवीर, तरुण, राकेश, हेड constable नवीन, सुनील, रामकेश और विनोद शामिल थे. पूरी कार्रवाई की निगरानी एसीपी सतेंद्र मोहन कर रहे थे. जांच के दौरान हेड constable विनोद ने कई जगहों पर छानबीन कर आरोपी के ठिकाने का पता लगाया. लगातार प्रयासों के बाद सूचना मिली कि आरोपी पुरानी दिल्ली के कसाबपुरा इलाके में छिपा हुआ है.

तकनीकी निगरानी और ग्राउंड वर्क के जरिए Police ने उसकी लोकेशन ट्रैक की. छापेमारी के दौरान उसकी लोकेशन बदलकर रंजीत नगर पहुंच गई, जहां Police ने उसे उस वक्त गिरफ्तार कर लिया जब वह अपने परिवार से मिलने जा रहा था. गिरफ्तारी के बाद आरोपी को औपचारिक रूप से तिहाड़ जेल भेज दिया गया.

मोहम्मद नवाब पहले भी आर्म्स एक्ट के तीन मामलों में शामिल रह चुका है. इन सभी मामलों में उसे सजा हो चुकी है. नवाब ने दिल्ली के रंजीत नगर से 8वीं तक पढ़ाई की थी. इसके बाद वह अपने पिता के साथ जामा मस्जिद इलाके में चिकन शॉप पर काम करने लगा. अपील खारिज होने के बाद वह फरार हो गया और कसाबपुरा में किराए पर दुकान लेकर कसाई का काम करने लगा, ताकि Police से बच सके.

पीएसके

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