
वाशिंगटन, 15 फरवरी . अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो Sunday को दो दिवसीय दौरे पर पूर्वी यूरोप जाएंगे. कूटनीतिक तौर पर ये रिश्ता काफी अहम है और President डोनाल्ड ट्रंप के लिए समर्थन जुटाने से जुड़ा है. वे स्लोवाकिया और हंगरी में होंगे.
दरअसल, इन दोनों देशों का नेतृत्व यूरोपीय संघ से दूरी बनाए हुए है और ट्रंप के करीब है. विदेश विभाग ने पिछले हफ्ते ही इन दोनों देशों की यात्रा संबंधित जानकारी दी थी. बताया था कि रुबियो इस ट्रिप का इस्तेमाल एनर्जी कोऑपरेशन और नाटो समेत द्विपक्षीय मुद्दों पर बात करने के लिए करेंगे.
बयान जारी कर बताया गया था कि म्यूनिख के बाद रुबियो 15-16 फरवरी को ब्रातिस्लावा (स्लोवाकिया की राजधानी) और बुडापेस्ट (हंगरी की राजधानी) जाएंगे. ब्रातिस्लावा में, सेक्रेटरी रुबियो स्लोवाक Government के खास सदस्यों से मुलाकात कर साझा क्षेत्रीय सुरक्षा हितों पर मंथन करेंगे.
इसमें आगे कहा गया कि बुडापेस्ट की अपनी यात्रा के दौरान, विदेश मंत्री हंगरी के खास अधिकारियों से मिलेंगे ताकि हमारे साझा द्विपक्षीय और क्षेत्रीय हितों को और मजबूत किया जा सके. इसमें वैश्विक झगड़ों को सुलझाने के लिए शांति प्रक्रियाओं और यूएस.-हंगरी एनर्जी पार्टनरशिप के लिए हमारी प्रतिबद्धता शामिल है.
रुबियो ने Thursday को यूरोप (म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के लिए) आने से पहले पत्रकारों से इस यात्रा का संक्षेप में जिक्र किया था. उन्होंने कहा, “ये ऐसे देश हैं जो हमारे साथ बहुत मजबूत हैं, यूनाइटेड स्टेट्स के साथ बहुत कोऑपरेटिव हैं, हमारे साथ बहुत करीब से काम करते हैं, और यह उनसे और उन दो देशों से मिलने का एक अच्छा मौका है जहां मैं कभी नहीं गया.”
रुबियो, जो ट्रंप के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर भी हैं, Sunday को ब्रातिस्लावा में स्लोवाक Prime Minister रॉबर्ट फिको से मिलेंगे, जो पिछले महीने ही फ्लोरिडा में ट्रंप से मिलने गए थे. अमेरिकी विदेश मंत्री म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने के बाद वहां रवाना हो रहे हैं.
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केआर/