लाउडस्पीकर पर यूपी सरकार का कड़ा रुख, प्रतुल शाह देव बोले-कानून से बड़ा कोई नहीं

रांची, 21 फरवरी . उत्तर प्रदेश के संसदीय कार्य एंव वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने रमजान के दौरान मस्जिदों से लाउडस्पीकर बजाने की मांग को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि Government नियमों के अनुसार फैसला लेगी और सभी को कानून का पालन करना होगा.

भाजपा नेता प्रतुल शाह देव ने यूपी Government के इस फैसले का समर्थन किया. उन्होंने से बात करते हुए कहा कि कानून से बड़ा कुछ नहीं होता, मजहब बाद में आता है. देश कानून और संविधान से चलता है. उन्होंने कहा कि लाउडस्पीकर पर सर्वोच्च न्यायालय ने तो पाबंदियां भी लगाई हैं कि रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक के लिए हैं. ऐसे में किसी विशेष अवसर पर छूट देना उचित नहीं है.

उन्होंने ये भी कहा कि जुमे या ईद की नमाज सड़क पर करने और सड़कों को जाम कर प्रदर्शन पर भी बैन लगना चाहिए. इससे ट्रैफिक डिस्टर्ब होता है. एंबुलेंस फंस जाती हैं. उन्होंने कहा कि लोगों को मस्जिद के भीतर जाकर इबादत करनी चाहिए.

भाजपा नेता प्रतुल शाह देव ने Supreme Court के निर्देशों को लेकर कहा कि पश्चिम बंगाल में लगातार ये आरोप लग रहा था कि वहां के स्थानीय अधिकारी राज्य Government के एजेंट बनकर काम कर रहे हैं. वहां से जो जायज मतदाता हैं, खासकर जो भाजपा के माइंडसेट के हैं, उनके नाम को जबरदस्ती हटाया जा रहा था. उन्होंने कहा कि प्रशासनिक महकमा पूरी तरह से ममता बनर्जी का एजेंट बनकर काम कर रहा था और सीएम भी आरोप लगा रही थीं कि वहां पर मुसलमानों को टारगेट किया जा रहा था.

उन्होंने कहा कि बिल्कुल टारगेट किया जाएगा. जो रोहिंग्या मुसलमान हैं, जो घुसपैठिया मुसलमान हैं और जो बांग्लादेशी मुसलमान हैं, उनको तो हम टारगेट करेंगे ही. वे देश के नागरिक नहीं हैं. अगर इनको ममता बनर्जी संरक्षण दे रही हैं तो यहां के मुसलमानों का अहित कर रही हैं. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में क्या स्थितियां हो गई हैं कि Supreme Court ने भी माना कि वहां के अधिकारियों से निष्पक्ष एसआईआर की उम्मीद नहीं है.

सत्यम दुबे/वीसी

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