
New Delhi, 4 मई . 5 मई 1954 को एक साधारण परिवार में जन्मे मनोहर लाल Haryana और देश की राजनीति में एक अहम और विशिष्ट पहचान रखने वाले नेता हैं. उन्होंने ने संगठन से शासन तक का लंबा सफर तय किया. उनका Political जीवन अनुशासन, संगठनात्मक अनुभव और प्रशासनिक सुधारों पर केंद्रित रहा है. मनोहर लाल ने पहली बार चुनाव लड़ा और Chief Minister की कुर्सी संभाली.
उनका का जन्म पूर्वी पंजाब (वर्तमान में Haryana) के रोहतक जिले की मेहम तहसील के निंदाना गांव में एक पंजाबी हिंदू परिवार में हुआ था, जो बाद में करनाल जिले में शामिल हो गया. मनोहर लाल के पिता हरबंस लाल 1947 में India के विभाजन के बाद पश्चिमी पंजाब के झांग जिले से इस गांव में आकर बस गए थे. मनोहर लाल खट्टर का प्रारंभिक जीवन ग्रामीण परिवेश में बीता, जहां से उन्होंने मेहनत और सादगी के मूल्यों को अपनाया.
मनोहर लाल ने पंडित नेकी राम शर्मा गवर्नमेंट कॉलेज, रोहतक से मैट्रिकुलेशन (हाई स्कूल) पूरा करने के बाद दिल्ली में रिश्तेदारों के साथ रहने लगे और सदर बाजार के पास एक कपड़े की दुकान चलाने लगे. इसके साथ ही, उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री भी पूरी की.
मनोहर लाल 1977 में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) में शामिल हुए और तीन साल बाद पूर्णकालिक प्रचारक बन गए. 1994 में भाजपा में शामिल होने से पहले 17 वर्षों तक पूर्णकालिक प्रचारक के रूप में काम किया. इस दौरान उन्होंने संगठनात्मक कौशल और जमीनी स्तर पर काम करने का अनुभव हासिल किया. यही अनुभव आगे चलकर उनकी Political पहचान का आधार बना. बाद में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में सक्रिय भूमिका निभाई और संगठन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं. वे Haryana भाजपा के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने में प्रमुख भूमिका निभाने वाले नेताओं में से एक रहे.
2014 में मनोहर लाल को Haryana विधानसभा चुनाव के लिए करनाल निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार के रूप में नामित किया गया था. इन चुनावों में भाजपा ने Haryana में पहली बार बहुमत हासिल किया और उन्होंने 63,736 वोटों के अंतर से अपना पहला चुनाव जीता. साल 2014 में मनोहर लाल Haryana के Chief Minister बने. यह कई मायनों में ऐतिहासिक था, क्योंकि वे राज्य के पहले गैर-जाट Chief Minister थे. उन्होंने 2014 से 2024 तक राज्य का नेतृत्व किया और इस दौरान कई प्रशासनिक और नीतिगत बदलाव लागू किए.
27 अक्टूबर 2019 को मनोहर ने 2019 Haryana विधानसभा चुनाव के बाद दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी के साथ गठबंधन करने के बाद दूसरी बार Chief Minister के रूप में शपथ ली थी. हालांकि यह कार्यकाल पूरा नहीं किया और Lok Sabha चुनाव से पहले इस्तीफा दे दिया. खट्टर ने 12 मार्च 2024 को Haryana के Governor बंदारू दत्तात्रेय को अपना इस्तीफा सौंप दिया.
इसके बाद 2024 Lok Sabha चुनाव में करनाल से भाजपा उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की. जून 2024 में मनोहर लाल को विद्युत मंत्री और आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री बनाया गया. हाल ही में उन्होंने केंद्रीय विद्युत मंत्री के रूप में भूटान का दौरा किया और वहां के ऊर्जा मंत्री से मुलाकात कर द्विपक्षीय ऊर्जा सहयोग को मजबूत करने और विकसित पुनात्सांगचू जलविद्युत परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की. मनोहर लाल की छवि एक सादगीपूर्ण और अनुशासित नेता की रही है. वे अक्सर लो-प्रोफाइल राजनीति करते हैं और संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने में विश्वास रखते हैं. उनकी कार्यशैली में निर्णय लेने की प्रक्रिया अपेक्षाकृत शांत और व्यवस्थित मानी जाती है.
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ओपी/डीकेपी