
पेरिस, 1 जून . संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) Monday को लेबनान में जारी लड़ाई पर चर्चा के लिए एक आपात बैठक करने जा रही है. यह बैठक फ्रांस के अनुरोध पर बुलाई गई है.
फ्रांस के President इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि “दक्षिण लेबनान में सेना की बढ़ती संख्या किसी भी तरह से उचित नहीं है,” और उन्होंने लड़ाई को तुरंत रोकने की अपील की. मैक्रों से पहले फ्रांस के विदेश मंत्री जीन नोएल बारो ने भी यूएनएससी के पास जाने की बात कही थी. उन्होंने ब्यूफोर्ट किले पर इजरायली कब्जे पर चिंता जताई थी.
बीएफएमटीवी चैनल से बातचीत में बारो ने कहा, “मैंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने का अनुरोध किया है. हम इजरायल के आत्मरक्षा के अधिकार को स्वीकार करते हैं, जैसा कि हर देश को है, लेकिन लेबनान में इजरायली सैन्य अभियानों की निरंतरता और लेबनानी क्षेत्र पर उसके बढ़ते कब्जे को किसी भी तरह उचित नहीं ठहराया जा सकता.”
लेबनान 2 मार्च को मध्य पूर्व युद्ध में शामिल हो गया था, जब हिज्बुल्लाह ने इजरायल पर रॉकेट दागे थे. यह हमला अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर 28 फरवरी को किए हवाई हमलों में सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई की हत्या के जवाब में किया गया था.
इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच 17 अप्रैल को संघर्षविराम शुरू हुआ था, लेकिन यह कभी पूरी तरह लागू नहीं हो सका. दोनों पक्ष एक-दूसरे पर रोजाना संघर्षविराम तोड़ने का आरोप लगाते हैं और अपनी कार्रवाइयों को दूसरे की गलती का जवाब बताते हैं.
सप्ताहांत में, इजरायल के Prime Minister बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि वह लेबनान में और गहराई तक सैन्य कार्रवाई करेंगे, और Sunday की कार्रवाई को उन्होंने अभियान में “बड़ा बदलाव” बताया. तो वहीं, Monday को नेतन्याहू और इजराइल काट्ज ने आईडीएफ को बेरूत के दक्षिणी उपनगर दहियेह स्थित हिज्बुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाने का आदेश दिया.
इजरायली पीएम के अनुसार हिज्बुल्लाह बार-बार सीजफायर नियमों का उल्लंघन कर रहा है और लगातार इजरायली शहरों पर हमले कर रहा है.
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Sunday को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने लेबनान के President जोसेफ औन और इजरायल के Prime Minister बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने चल रही कूटनीतिक बातचीत पर चर्चा की और कहा कि पहले हिज्बुल्लाह को अपने हमले रोकने होंगे.
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केआर/