
New Delhi, 19 अगस्त . साउथ-वेस्ट डिस्ट्रिक्ट के साइबर Police स्टेशन की टीम ने धोखाधड़ी और चोरी के एक मामले को सुलझाया है. इस मामले में दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. दोनों महिलाओं ने कथित तौर पर एक फर्जी डेटिंग ऐप प्रोफाइल का इस्तेमाल करके 67 साल के एक बुजुर्ग से संपर्क किया और बाद में उनका मोबाइल फोन चुराकर उनसे 1.30 लाख की धोखाधड़ी की.
साउथ-वेस्ट डिस्ट्रिक्ट के साइबर Police स्टेशन में 27 जुलाई को बुजुर्ग की शिकायत पर First Information Report दर्ज हुई थी. शिकायतकर्ता ने बताया था कि वह एक डेटिंग ऐप के जरिए एक महिला के संपर्क में आया और बाद में टेलीग्राम पर उससे बातचीत की. बाद में वह New Delhi की डिफेंस कॉलोनी में उस महिला और उसकी साथी से मिला.
24 जुलाई को शिकायतकर्ता डिफेंस कॉलोनी के एक रेस्टोरेंट में दोनों महिलाओं से मिला और उनके साथ डिनर किया. रेस्टोरेंट से निकलते समय कथित तौर पर उसका मोबाइल फोन चोरी हो गया. इसके बाद, उसकी मर्जी के बिना उसके दो बैंक अकाउंट से यूपीआई के जरिए 1 लाख 30 हजार ट्रांसफर कर दिए गए.
शिकायत के आधार पर साइबर Police स्टेशन की टीम ने जांच शुरू की. जांच से पता चला कि धोखाधड़ी से हासिल 1 लाख 30 हजार की रकम एक आरोपी के नाम पर खुले खाते में ट्रांसफर की गई थी और बाद में उसे उसके साथी के एक अन्य बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया गया. धोखाधड़ी की रकम में से 90,000 एटीएम के ज़रिए निकाले गए थे.
cctv फुटेज की बारीकी से जांच करने पर पता चला कि दो महिलाएं ठगी गई रकम निकाल रही थीं. बैंकिंग ट्रांजेक्शन की तकनीकी जांच और विश्लेषण से दोनों संदिग्धों की पहचान और उनका पता लगाने में मदद मिली. पूछताछ के दौरान, आरोपियों के काम करने का तरीका सामने आया. एक आरोपी ने नकली पहचान का इस्तेमाल करके एक डेटिंग ऐप प्रोफाइल बनाई और उसे चलाया और शिकायतकर्ता से संपर्क किया. बाद में उसने अपनी साथी को भी इस योजना में शामिल कर लिया. दूसरी आरोपी असल में डेटिंग प्रोफाइल चलाने वाली महिला नहीं थी, लेकिन उसने प्रोफाइल होल्डर बनकर शिकायतकर्ता से मुलाकात की, जिससे उसे यकीन हो गया कि वह उसी महिला से मिल रहा है, जिससे उसने ऑनलाइन बातचीत की थी.
जांच में यह भी पता चला कि दोनों आरोपी शिकायतकर्ता से 20 जुलाई और 24 जुलाई 2026 को मिले थे. दूसरी मुलाकात के दौरान, डिफेंस कॉलोनी के एक रेस्टोरेंट में डिनर के बाद शिकायतकर्ता का मोबाइल फोन कथित तौर पर चोरी हो गया. जांच में आगे यह भी पता चला कि चोरी हुए मोबाइल फोन को बाद में आरोपियों ने नष्ट कर दिया, ताकि सबूत मिटाए जा सकें. बैंकिंग ट्रेल, cctv फुटेज, तकनीकी निगरानी और जांच से मिले अन्य सुरागों के आधार पर दोनों महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया.
दिल्ली की रहने वाली 26 साल की महिला आरोपी ज्योत्सना ने कथित तौर पर एक फर्जी डेटिंग ऐप प्रोफाइल बनाई और उसे चलाया. उसने शिकायतकर्ता से संपर्क किया और बाद में अपनी साथी मानशी को भी इस योजना में शामिल कर लिया. दिल्ली की रहने वाली 21 साल की महिला आरोपी मानशी कथित तौर पर डेटिंग ऐप प्रोफाइल होल्डर बनकर शिकायतकर्ता से मिली और बाद में धोखाधड़ी से हासिल की गई रकम के ट्रांसफर और निकासी में शामिल रही.
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ओपी/एएस