त्रिपुरा : दो दिन चले अभियान के दौरान आठ बांग्लादेशी पकड़े गए; घुसपैठ नेटवर्क की जांच कर रही पुलिस

अगरतला, 28 जून . अधिकारियों ने Sunday को बताया कि त्रिपुरा Police ने अगरतला के महाराजा बीर बिक्रम (एमबीबी) एयरपोर्ट पर खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए दो अलग-अलग ऑपरेशन में आठ बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है. Police ने देश के दूसरे हिस्सों में जाने की उनकी संदिग्ध कोशिश को नाकाम कर दिया है और सीमा पार से घुसपैठ कराने वाले किसी संभावित नेटवर्क की व्यापक जांच शुरू कर दी है.
Police के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि एयरपोर्ट Police को मिली खास खुफिया जानकारी के आधार पर ये गिरफ्तारियां की गईं.
उन्होंने बताया कि Police को पक्की खबर मिली थी कि चार बांग्लादेशी नागरिक 26 जून को एमबीबी एयरपोर्ट पहुंचेंगे और वहां से दूसरे राज्य के लिए फ्लाइट लेंगे.
Police अधिकारी ने कहा, “खुफिया जानकारी पर कार्रवाई करते हुए और एमबीबी एयरपोर्ट के अधिकारियों व कर्मचारियों की मदद से, हमने फ्लाइट में सवार होने से पहले ही उन चारों लोगों को पकड़ लिया.”
इन चारों को पूछताछ के लिए एयरपोर्ट Police स्टेशन ले जाया गया, जहां जांचकर्ताओं को दूसरों की संभावित भूमिका के बारे में नई जानकारियां मिलीं.
पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर, Police ने एयरपोर्ट पर एक और खुफिया ऑपरेशन चलाया और 27 जून को चार और बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया.
अधिकारी ने बताया कि इस दूसरे ऑपरेशन के साथ, दो दिनों की कार्रवाई में पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिकों की कुल संख्या आठ हो गई है.
आरोपी घुसपैठियों में से चार को Sunday को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जबकि बाकी चार अभी Police कस्टडी में हैं. Police ने बाद वाले चार लोगों की पांच दिन की रिमांड मांगी है ताकि आगे पूछताछ की जा सके और उनके गैर-कानूनी तरीके से देश में घुसने और आगे बढ़ने के पीछे के बड़े नेटवर्क का पता लगाया जा सके.
शुरुआती जांच के अनुसार, गिरफ्तार लोगों ने गुवाहाटी जाने की योजना बनाई थी. हालांकि, जांचकर्ता अब उनके पूरे यात्रा कार्यक्रम, उस रास्ते जिससे वे कथित तौर पर India में दाखिल हुए, और इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या किसी संगठित सीमा-पार नेटवर्क ने उनकी घुसपैठ और देश के विभिन्न हिस्सों में आगे बढ़ने में मदद की थी.
अधिकारी ने कहा कि India में घुसने के लिए इस्तेमाल किए गए रास्ते और उनकी मदद करने वाले लोगों की पुष्टि की जा रही है. उन्होंने आगे कहा, “हमें उम्मीद है कि Police रिमांड के दौरान और भी अहम जानकारी मिलेगी.”
Police ने आरोपियों का निजी सामान भी जब्त किया है, जिसमें मोबाइल फोन और अन्य चीजें शामिल हैं. डिजिटल और फोरेंसिक सबूतों के लिए इनकी जांच की जा रही है, जिससे घुसपैठ नेटवर्क से जुड़े मददगारों और साथियों की पहचान करने में मदद मिल सकती है.
Police अधिकारी ने पुष्टि की कि गिरफ्तार किए गए सभी आठ लोग पुरुष हैं. उन्होंने कहा कि उन अन्य लोगों की पहचान करने के लिए जांच जारी है जो कथित सीमा-पार घुसपैठ में मदद करने और India के भीतर उनकी आवाजाही की व्यवस्था करने में शामिल हो सकते हैं.
त्रिपुरा, जिसकी बांग्लादेश के साथ 856 किलोमीटर लंबी सीमा है, तीन तरफ से पड़ोसी देश से घिरा हुआ है. इस वजह से यह पूर्वोत्तर राज्य सीमा-पार से होने वाले पलायन के मुद्दों के लिहाज से काफी संवेदनशील और जोखिम वाला इलाका है. कुछ हिस्सों को छोड़कर, ज़्यादातर सीमा पर बाड़ लगाई गई है ताकि तस्करी, सीमा-पार अपराध, घुसपैठियों और दूसरे दुश्मन तत्वों की गैर-कानूनी आवाजाही को रोका जा सके.
बीएसएफ के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले साल जून-जुलाई में बांग्लादेश में हिंसा शुरू होने के बाद से, और खासकर 5 अगस्त, 2024 को शेख हसीना की अगुवाई वाली अवामी लीग Government के गिरने के बाद से, पैरामिलिट्री फोर्स ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर निगरानी बढ़ा दी है और अपनी मौजूदगी को और मज़बूत किया है.
केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने हाल ही में त्रिपुरा में ‘स्मार्ट बॉर्डर मैनेजमेंट’ के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने का ऐलान किया है. इसका मकसद एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके निगरानी को मज़बूत करना और सीमा सुरक्षा को बेहतर बनाना है.
उम्मीद है कि इस पहल से गैर-कानूनी घुसपैठ और सीमा-पार के दूसरे अपराधों को रोकने की कोशिशों को बल मिलेगा और साथ ही सीमा प्रबंधन की कुल कार्यक्षमता में भी सुधार होगा.
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एससीएच


