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Friday, 23 October 2026
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तीन भारतीय तेल टैंकर होर्मुज से सुरक्षित निकले, 8.6 लाख मीट्रिक टन माल लेकर पहुंच रहे

तीन भारतीय तेल टैंकर होर्मुज से सुरक्षित निकले, 8.6 लाख मीट्रिक टन माल लेकर पहुंच रहे

New Delhi, 21 जून . India की समुद्री और ऊर्जा सुरक्षा को बड़ी कामयाबी मिली है. तीन भारतीय झंडे वाले कच्चे तेल के टैंकर होर्मुज स्ट्रेट को सफलतापूर्वक पार कर गए और अब बड़ी मात्रा में स्ट्रेटेजिक कार्गो लेकर भारतीय बंदरगाहों के रास्ते में हैं.

यह विकास होर्मुज समेत इलाके में भू-Political बदलावों के बीच हुआ है. केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने समुद्री हितों की सुरक्षा के लिए समन्वित Governmentी प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए सफल मार्ग की घोषणा की.

Union Minister ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “सुरक्षित मार्ग! तीन भारतीय ध्वज वाले कच्चे तेल के टैंकर, देश वैभव, देश विभोर और सनमार हेराल्ड, 94 भारतीय चालक दल के सदस्यों के साथ 8.6 लाख मीट्रिक टन से अधिक माल लेकर आज होर्मुज स्ट्रेट को सफलतापूर्वक पार कर गए हैं और India के रास्ते पर हैं.”

उन्होंने कहा, “पीएम मोदी के निर्णायक नेतृत्व में, India Government India के समुद्री हितों को सुरक्षित करने के लिए सबसे ज्यादा प्राथमिकता पर काम कर रही है. हमारा मंत्रालय India के नाविकों और ऊर्जा लाइफलाइन की पूरी सुरक्षा की गारंटी देने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों के साथ सक्रिय रूप से तालमेल बिठा रहा है.”

अधिकारियों के अनुसार, तीन जहाज ‘देश वैभव’, ‘देश विभोर’, और ‘सनमार हेराल्ड’ 24 जून से 1 जुलाई के बीच भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचने की उम्मीद है. यह India के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक जरूरी सप्लाई चेन मूवमेंट के पूरा होने का प्रतीक है.

देश वैभव के 24 जून को वाडिनार पोर्ट पर पहुंचने की उम्मीद है, जबकि देश विभोर के उसी दिन सिक्का पोर्ट पहुंचने की संभावना है. इसके अलावा, तीसरा जहाज, सनमार हेराल्ड, जो 20 जून को होर्मुज स्ट्रेट को पार कर गया था, 1 जुलाई को पारादीप पोर्ट पर पहुंचने वाला है.

यह ट्रांजिट ऐसे समय में हो रहा है जब इलाके में तनाव कम हो रहा है. अमेरिका ने इससे पहले, 18 जून को, इलाके के झगड़े को कम करने के मकसद से एक छोटी सी डिप्लोमैटिक कामयाबी के बाद होर्मुज स्ट्रेट के जरिए समुद्री आवाजाही पर लगी रोक हटा दी थी.

इस फैसले से तेल टैंकरों को स्ट्रेटेजिक चैनल के जरिए ऑपरेशन फिर से शुरू करने की इजाजत मिल गई, जो सुरक्षा चिंताओं की वजह से महीनों से काफी हद तक रुका हुआ था.

उसी दिन, अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ एक समझौते पर इलेक्ट्रॉनिकली हस्ताक्षर किया. इसमें तेहरान के लिए अपने संवर्धित यूरेनियम के स्टॉक को कम करने और कुछ प्रतिबंध में ढील देने के नियम शामिल हैं. इस कदम ने ईरान के तेल एक्सपोर्ट का रास्ता खोल दिया और शिपिंग कॉरिडोर को फिर से खोलने में मदद की. इससे वैश्विक ऊर्जा सप्लाई चेन को राहत मिली.

India के लिए इन तेल टैंकरों का सुरक्षित आवागमन निर्बाध समुद्री ऊर्जा आपूर्ति मार्गों के महत्व को रेखांकित करता है, क्योंकि देश अभी भी अपनी कच्चे तेल की जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है. अधिकारियों के अनुसार, संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्रों से गुजरने वाले जहाजों और उनके चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय लगातार जारी है.

इस सफल ट्रांजिट को एक अहम ऑपरेशनल माइलस्टोन के तौर पर देखा जा रहा है, जो गल्फ क्षेत्र में डिप्लोमैटिक विकास और India के अपनी समुद्री ऊर्जा लाइफलाइन को सुरक्षित रखने पर लगातार फोकस, दोनों को दिखाता है.

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केके/पीएम

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