
Patna, 18 अप्रैल . Lok Sabha में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के गिरने पर राजद नेता तेजस्वी यादव ने भाजपा पर तंज कसा. उन्होंने कहा कि असली एजेंडा संविधान बदलने का है.
Patna में तेजस्वी यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा महिलाओं की आड़ में लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश कर रही है.
तेजस्वी यादव ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक के खिलाफ कोई भी पार्टी या सांसद नहीं है. इस बात को साफ तौर पर समझने की जरूरत है.
उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल 2023 में ही पारित हो चुका है. हमारी मांग थी कि इसमें ओबीसी महिलाओं को भी आरक्षण दिया जाए. अगर पुरुषों के लिए जाति-आधारित प्रावधान हैं तो महिलाओं के लिए क्यों नहीं, लेकिन Government ने हमारी इस मांग को नहीं माना.
तेजस्वी ने कहा कि यह विधेयक पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के दौरान जल्दबाजी में लाया गया था. पहले यह 2011 की जनगणना पर आधारित था, लेकिन हमारी मांग है कि इसे 2025 की ताजा जनगणना पर आधारित किया जाए, ताकि पिछड़े वर्गों, अत्यंत पिछड़े वर्गों और दलितों का उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके.
राजद नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा को पता था कि उनके पास दो-तिहाई बहुमत नहीं है, फिर भी उन्होंने विधेयक पेश किया ताकि खुद को महिलाओं का हितैषी दिखा सकें. उन्होंने इसे Political नौटंकी और प्रोपगैंडा करार दिया.
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि भाजपा संविधान बदलने के अपने मंसूबों को पूरा करने के लिए महिलाओं की आड़ ले रही है और लोकतंत्र को कमजोर करना चाहती है, लेकिन हम उनकी तमाम कोशिशों को विफल करेंगे.
बिहार के Chief Minister सम्राट चौधरी के बयान पर राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्हें काम करने की जरूरत है. वे ज्यादा बातें न करें. बिहार 20 साल से फिसड्डी बना हुआ है, कब टॉप 5 में आएगा? खजाना खाली है, उसे कैसे भरा जाएगा? बिहार के विकास के लिए उनके पास क्या रोडमैप है? रोजगार, व्यापार और बिजली दरों पर क्या प्लान है? बिजली की दरें बढ़ाई गई हैं, लेकिन मुद्दों पर बात नहीं की जाती.
तेजस्वी ने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि हमने पहले भी कहा था कि बिहार को Gujarat से चलाया जाएगा.
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डीकेएम/डीकेपी