
New Delhi, 23 अप्रैल . उच्चतम न्यायालय ने Thursday को आईपैक (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी) मामले की सुनवाई के दौरान अहम टिप्पणी की. शीर्ष अदालत ने Enforcement Directorate (ईडी) से पूछा कि क्या एजेंसी पश्चिम बंगाल में संवैधानिक ढांचे के पूरी तरह विफल होने की दलील दे रही है? अदालत ने आगे कहा कि यदि ऐसा है तो इसके दूरगामी परिणाम हो सकते हैं.
दरअसल, यह टिप्पणी उस समय आई जब अदालत ईडी की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें आईपैक पर एजेंसी की कार्रवाई के दौरान Chief Minister ममता बनर्जी पर जांच में दखल देने का आरोप लगाया गया है. सुनवाई के दौरान अदालत ने ईडी के रुख को लेकर गंभीर चिंता जताई.
ईडी की ओर से पक्ष रखते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को स्पष्ट किया कि एजेंसी पश्चिम बंगाल में केवल कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की बात कर रही है. उन्होंने कहा कि इसे पूरे संवैधानिक ढांचे की विफलता के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए और ईडी ऐसी कोई दलील नहीं दे रही है.
Supreme Court की यह टिप्पणी इसलिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत किसी राज्य में संवैधानिक तंत्र की विफलता President शासन लागू करने का आधार बन सकती है. फिलहाल, मामले की सुनवाई जारी है. इस मामले में अगली सुनवाई Friday को निर्धारित की गई है.
बता दें कि Enforcement Directorate (ईडी) की टीम ने 8 जनवरी को आईपैक के कार्यालय और प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी की थी. यह कार्रवाई कथित कोयला तस्करी घोटाले से जुड़ी करोड़ों रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की गई थी.
जांच एजेंसी ने आरोप लगाए हैं कि ममता बनर्जी अपने साथ कई वरिष्ठ प्रशासनिक और Police अधिकारियों को लेकर पहुंची थीं. उन्होंने छापेमारी के दौरान बिना किसी अधिकार के कई अहम सबूत हटा दिए, जिनमें लैपटॉप, मोबाइल फोन और चुनावी डेटा वाले दस्तावेज शामिल थे.
पिछली सुनवाई के दौरान, Supreme Court ने इस घटना को एक ‘दुखद स्थिति’ करार दिया था. कोर्ट ने इस बात पर चिंता जताई थी कि ऐसे मामलों में कोई स्पष्ट कानूनी उपाय मौजूद नहीं है, जहां किसी राज्य के उच्च पदस्थ अधिकारी पर केंद्रीय एजेंसी की जांच में बाधा डालने का आरोप हो.
वहीं, टीएमसी Government ने आरोप लगाया है कि ये कार्रवाई Political रूप से प्रेरित हैं और इनका मकसद 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर तृणमूल कांग्रेस को कमजोर करना है.
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पीएसके/एबीएम