
रांची, 23 अप्रैल . भाजपा के Jharkhand प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने Chief Minister हेमंत सोरेन पर एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के मुद्दे पर Jharkhand के मतदाताओं को भ्रमित करने का आरोप लगाया है. साहू ने कहा कि Chief Minister गरीब, आदिवासी और मूलवासियों के नाम की आड़ लेकर अपनी राजनीति चमका रहे हैं, और उनका असली मकसद अपने कार्यकाल के दौरान फर्जी तरीके से बसाए गए घुसपैठिए वोटरों को बचाना है.
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने Chief Minister के उस बयान को पूरी तरह आधारहीन बताया जिसमें उन्होंने कहा था कि भाजपा एसआईआर के जरिए आदिवासियों और पिछड़ों को उनके मताधिकार, राशन और पेंशन से वंचित करना चाहती है. आदित्य साहू ने कहा कि Chief Minister की बौखलाहट का असली कारण यह है कि एसआईआर के जरिए फर्जी मतदाताओं का पत्ता साफ होने वाला है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि देश की चुनाव सुधार प्रक्रिया में एसआईआर कोई नई बात नहीं है; आजादी के बाद से अब तक 13 बार ऐसा किया जा चुका है, जिसमें अंतिम बार साल 2004 में यह प्रक्रिया अपनाई गई थी.
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस और उनके सहयोगियों के शासनकाल में इस नियमित प्रक्रिया पर कभी आपत्ति नहीं हुई, तो अब मोदी Government के दौरान इस पर विवाद क्यों पैदा किया जा रहा है? उन्होंने जोर देकर कहा कि यह पूरी तरह चुनाव आयोग का स्वायत्त कार्य है, जिसमें किसी भी Political दल का कोई दखल नहीं होता. इसका एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई पात्र व्यक्ति मतदान से न छूटे और कोई अपात्र फर्जीवाड़ा कर सूची में शामिल न हो सके.
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बिहार और बंगाल में भी एसआईआर को लेकर इस तरह के भ्रामक प्रचार की कलई खुल चुकी है, क्योंकि वहां किसी भी वास्तविक नागरिक का नाम सूची से नहीं कटा है. उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन की बेचैनी उन घुसपैठियों को लेकर है जिन्होंने उनके कार्यकाल में राज्य की डेमोग्राफी बदली है.
आदित्य साहू ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि साल 2014 से 2019 के बीच Jharkhand में मतदाताओं की वृद्धि दर 6.2 प्रतिशत थी, जो राष्ट्रीय औसत से कम थी. लेकिन 2019 से 2024 के बीच, जब राज्य में मौजूदा Government थी, यह वृद्धि दर उछलकर 16.7 प्रतिशत हो गई, जो राष्ट्रीय ग्रोथ (10.1 प्रतिशत) से कहीं अधिक है. उन्होंने इसे फर्जी वोटरों को बसाने का प्रमाण बताया.
–
एसएनसी/एएमटी