Skip to content
Sunday, 18 October 2026
Hindi Daily Kiran India, Rajasthan, business, sports, tech और अन्य श्रेणियों की ताज़ा हिन्दी ख़बरें।
BREAKING
कानून,राजनीति,राष्ट्रीय

Supreme Court ने पटियाला के दो और नगर निगम वार्डों में नए सिरे से चुनाव कराने का दिया आदेश

Supreme Court ने पटियाला के दो और नगर निगम वार्डों में नए सिरे से चुनाव कराने का दिया आदेश

New Delhi, 17 अक्टूबर . Supreme Court ने Saturday को पंजाब के पटियाला नगर निगम के वार्ड नंबर 15 और 58 में नए सिरे से चुनाव कराने का निर्देश दिया. वहीं, कोर्ट ने धर्मकोट नगर परिषद के वार्ड नंबर 10 और 11 के लिए भी इसी तरह के निर्देश मांगने वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया, क्योंकि ये दोनों वार्ड फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट में शामिल नहीं थे, जिसे Supreme Court ने स्वीकार किया है.

India के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) की पीठ जिसमें जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची शामिल थे ने Friday को एक आदेश पारित किया. यह आदेश पंजाब के नगर निकायों के कुछ वार्डों में नए सिरे से चुनाव कराने के संबंध में 28 सितंबर को दिए गए पिछले आदेश पर स्पष्टीकरण और निर्देश मांगने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान आया.

सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने अपने पिछले आदेश के पैराग्राफ 11 और 12 में संशोधन करते हुए कहा, “नए सिरे से चुनाव कराने के उद्देश्य से पटियाला नगर निगम के वार्ड नंबर 15 और 58 को भी इसमें शामिल किया गया है.”

आदेश में आगे कहा गया, “परिणामस्वरूप, पटियाला नगर निगम के वार्ड नंबर 15 और 58 में नए सिरे से चुनाव कराए जाएंगे.”

हालांकि, Supreme Court ने धर्मकोट नगर परिषद के वार्ड नंबर 10 और 11 में नए सिरे से चुनाव कराने की मांग वाली एक अलग याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया.

जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने कहा, “नए सिरे से चुनाव कराने के निर्देश जस्टिस निर्मलजीत कौर द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट को पूरी तरह से स्वीकार करते हुए दिए गए हैं, इसलिए हम धर्मकोट नगर परिषद के वार्ड नंबर 10 और 11 को शामिल करने की मांग वाली इस याचिका पर विचार नहीं कर सकते.”

पीठ ने आगे कहा, “हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि ये वार्ड जस्टिस निर्मलजीत कौर की रिपोर्ट में शामिल नहीं हैं.”

इसके अनुसार, दोनों विविध आवेदनों का निपटारा कर दिया गया.

इससे पहले 28 सितंबर को Supreme Court ने पंजाब के नगर निकायों के 50 वार्डों में नए सिरे से चुनाव कराने का निर्देश दिया था. कोर्ट ने पंजाब एवं Haryana हाई कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस निर्मलजीत कौर के नेतृत्व वाले एक जांच आयोग की सिफारिशों को पूरी तरह से स्वीकार कर लिया था.

आयोग ने नगर निकाय चुनावों के नामांकन-प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर बाधा डालने के आरोपों की जांच की थी. इन आरोपों में नामांकन पत्र छीने जाने, फाड़े जाने या नष्ट किए जाने, और उम्मीदवारों के साथ मारपीट, उन्हें हिरासत में लेने या उन्हें धमकाने जैसी घटनाएं शामिल थीं.

आयोग की रिपोर्ट में पाया गया कि 50 वार्डों के चुनाव प्रभावित हुए थे, जिनमें पटियाला जिले के 28 और मोगा जिले के 22 वार्ड शामिल हैं, जिसके चलते वहां फिर से चुनाव कराने की जरूरत थी.

आयोग को पटियाला नगर निगम के वार्ड नंबर 15 और 58 में फर्जी या एक से अधिक बार वोट डालने और लोगों को डराने-धमकाने के गंभीर सबूत भी मिले, जो इन चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करने के लिए काफी थे.

इन निष्कर्षों को स्वीकार करते हुए Supreme Court ने चिन्हित वार्डों में नए सिरे से चुनाव कराने का निर्देश दिया. साथ ही, पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए पंजाब एवं Haryana हाई कोर्ट के एक सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में एक निगरानी समिति गठित करने का आदेश दिया.

Supreme Court ने यह भी निर्देश दिया कि बार के वरिष्ठ सदस्यों को पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया जाए. इसके अलावा, चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए नामांकन-प्रक्रिया, नामांकन पत्रों की जांच, चुनाव चिह्नों के आवंटन और मतदान की वीडियोग्राफी कराने का आदेश दिया.

पूरी चुनाव-प्रक्रिया को छह सप्ताह के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया था.

–

डीकेपी/

Share