
सोल, 15 जुलाई . दक्षिण कोरिया के President ली जे-म्युंग ने Governmentी मंत्रालयों और एजेंसियों को नीतिगत कार्यों के क्रियान्वयन में सुधार और नवाचार पर जोर देते हुए कहा है कि उनके पांच वर्षीय कार्यकाल का शेष समय उनकी नीतिगत प्राथमिकताओं को पूरा करने के लिए अधिक महत्वपूर्ण होगा.
President ने विभिन्न Governmentी मंत्रालयों और एजेंसियों से उनकी नीतिगत योजनाओं और उनके क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा करते हुए ये जानकारी दी.
नीतिगत समीक्षा बैठकों के पहले दिन ली जे-म्युंग ने वित्त मंत्रालय, राष्ट्रीय कर सेवा (नेशनल टैक्स सर्विस), कोरिया कस्टम्स सर्विस, Governmentी वित्तीय निगरानी एजेंसी और अन्य विभागों से रिपोर्ट प्राप्त की. योनहाप समाचार एजेंसी के अनुसार, उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की गई हैं, लेकिन उनके कार्यकाल के बचे हुए तीन वर्ष 11 महीने कहीं अधिक अहम हैं.
उन्होंने कहा, “हमें अपनी नीतिगत प्राथमिकताओं के दीर्घकालिक क्रियान्वयन की पूरी तैयारी करनी चाहिए और साथ ही Governmentी व्यवस्था के भीतर मौजूद समस्याओं का भी समाधान करना होगा.”
President ने विशेष रूप से नीतियों के क्रियान्वयन में “सुधार और नवाचार” को प्राथमिकता देने पर बल दिया.
बकाया करों की वसूली की आवश्यकता पर जोर देते हुए ली ने इस समस्या से निपटने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की अस्थायी नियुक्ति जैसे साहसिक कदम उठाने की बात कही.
उन्होंने बताया कि बकाया राष्ट्रीय कर और अन्य Governmentी राजस्व 100 ट्रिलियन वॉन (करीब 67.1 अरब अमेरिकी डॉलर) से अधिक हो चुके हैं. उनके अनुसार, कर वसूली से जुड़े कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने से लंबित करों की वसूली में तेजी आएगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.
उन्होंने कहा, “जो व्यवस्था असामान्य हो चुकी है, उसे सामान्य बनाना आसान नहीं है. इसके लिए साहसिक कदम उठाने होंगे.”
Wednesday की बैठक सहित कुल 140 Governmentी मंत्रालय और एजेंसियां अगस्त की शुरुआत तक आयोजित होने वाले नौ सत्रों में President को अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी. इन बैठकों का विषय “रोजमर्रा के जीवन में महसूस होने वाला अपूरणीय गणराज्य कोरिया” रखा गया है. उल्लेखनीय है कि रिपब्लिक ऑफ कोरिया दक्षिण कोरिया का आधिकारिक नाम है.
जून पिछले वर्ष में पदभार संभालने के बाद President ली जे-म्युंग के लिए यह व्यापक नीतिगत समीक्षा बैठकों का दूसरा दौर है. पहला दौर वर्ष 2025 के अंत में आयोजित किया गया था.
प्रत्येक सत्र में लगभग 20 ‘जन पर्यवेक्षक’ (पब्लिक ऑब्जर्वर्स) भी शामिल होंगे, जिन्हें President के साथ नीतियों के क्रियान्वयन पर सवाल पूछने और सुझाव देने का अवसर दिया जाएगा.
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केआर/