संजय राउत ने खामेनेई की मौत के बाद मिडिल ईस्ट के हालातों पर जताई चिंता

Mumbai , 2 मार्च . शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद मिडिल ईस्ट के हालातों को लेकर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि खामेनेई एक ऐसी शख्सियत थे, जिन्हें पूरी दुनिया मानती थी, सिर्फ इजराइल छोड़कर.

संजय राउत ने यह भी कहा कि India हमेशा से ईरान का अच्छा और पारंपरिक मित्रता रहा है. जब भी देश पर संकट आया, चाहे वह पाक युद्ध हो या कश्मीर का मुद्दा, ईरान और खामेनेई हमेशा India के साथ खड़े रहे.

शिवसेना नेता ने खामेनेई की व्यक्तिगत भूमिका का भी उल्लेख किया और कहा कि वे जवाहरलाल नेहरू के बड़े भक्त थे. उनके मुताबिक, ऐसे नेता की हत्या हो जाने पर India की तरफ से शोक प्रकट करना चाहिए.

उन्होंने केंद्र Government पर सवालिया लहजे में कहा कि आखिर शोक प्रकट करने में क्यों डर लगता है? क्या डर इजराइल से है या फिर अमेरिका के तत्कालीन President ट्रंप से? उनका कहना है कि इतनी बड़ी शख्सियत की हत्या पर दुख जताना और सम्मान देना India की जिम्मेदारी है.

संजय राउत ने नेल्सन मंडेला का उदाहरण भी दिया. उन्होंने कहा कि जब मंडेला ईरान गए थे और वहां खामेनेई साहब से मिले, तो मंडेला ने उन्हें अपना नेता माना, लेकिन इससे क्या मंडेला आतंकवादी बन गए? बिल्कुल नहीं. उनके अनुसार, पीएम मोदी और भाजपा को भी इस बात को समझना चाहिए कि सम्मान और शोक जताने का मतलब किसी पराजय या Political कमजोरी नहीं है.

शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नेताओं और मित्र देशों की तरफ से दिखाए गए सम्मान को नजरअंदाज करना India की छवि के लिए सही नहीं है. उनका कहना है कि खामेनेई जैसी शख्सियत का India और दुनिया दोनों पर बड़ा प्रभाव था और उनकी मौत पर शोक जताना सिर्फ कूटनीतिक मर्यादा ही नहीं, बल्कि भारतीय मित्रता और संबंधों की परंपरा को भी दर्शाता है.

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रहित और सम्मान को प्राथमिकता देनी चाहिए.

पीआईएम/एसके

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