
तिरुवनंतपुरम, 13 जून . देवास्वोम बोर्ड के विशेष Governmentी अधिवक्ता के.बी. प्रदीप ने Saturday को इस्तीफा दे दिया. उनकी नियुक्ति की वजह से वी.डी. सतीशन के नेतृत्व वाली यूडीएफ Government को काफी शर्मिंदगी उठानी पड़ी थी. दरअसल सबरीमाला सोना चोरी मामले से जुड़ी एक कंपनी के वकील को देवस्वम से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों की जिम्मेदारी सौंपने को लेकर Government की आलोचना हो रही थी.
केरल हाईकोर्ट में देवस्वोम विभाग के लिए स्पेशल Governmentी वकील के तौर पर प्रदीप की नियुक्ति से Political विवाद खड़ा हो गया था. विपक्षी पार्टियों ने सवाल उठाया कि एक ऐसे वकील को अहम कानूनी पद देना कितना सही है, जिसने ‘स्मार्ट क्रिएशन्स’ का प्रतिनिधित्व किया था. यह चेन्नई की एक कंपनी है जो सबरीमाला सोने की चोरी के मामले में जांच के दायरे में है.
विवाद तब और बढ़ गया जब Government ने ‘स्पेशल Governmentी वकील’ का पद बनाया, जो पहले नहीं था. आलोचकों का आरोप था कि यह पद खास तौर पर प्रदीप के लिए बनाया गया था. अब तक, देवस्वोम विभाग में सिर्फ एक सीनियर Governmentी वकील हुआ करता था.
सबरीमाला मंदिर की सोने की परत चढ़ी संरचनाओं से सोने की चोरी के सिलसिले में स्मार्ट क्रिएशन्स जांचकर्ताओं की निगरानी में आ गई थी. कंपनी का संबंध मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी से था. आरोप था कि मंदिर से हटाए गए पैनलों को कंपनी की फैक्ट्री में ले जाया गया, जहां सोने को अलग किया गया और कथित तौर पर अन्य कार्यों में इस्तेमाल किया गया.
प्रदीप ने इससे पहले मीडिया के सामने स्मार्ट क्रिएशन्स का बचाव करते हुए कहा था कि कोई गड़बड़ी नहीं हुई है और कंपनी के पास पहले से ही सोने की परत चढ़ी सतह पर सोना चढ़ाने की तकनीकी सुविधा नहीं है.
देवस्वोम मंत्री के. मुरलीधरन द्वारा नियुक्ति का बचाव करने से विवाद और बढ़ गया. उन्होंने बयान दिया था कि आरोपी की कमजोरियों को जानने वाला व्यक्ति उपयोगी हो सकता है. विपक्ष ने इस बयान की कड़ी आलोचना की. विपक्ष का कहना था कि यह बयान Government का प्रतिनिधित्व करने के लिए बचाव पक्ष से जुड़े वकील की नियुक्ति को उचित ठहराने जैसा प्रतीत होता है.
पूर्व Chief Minister पिनाराई विजयन ने Saturday को नई Government के कामकाज के तरीके की आलोचना करते हुए कहा कि प्रदीप की नियुक्ति से “सब कुछ साफ हो जाता है”. नियुक्तियों को लेकर नई यूडीएफ Government से जुड़ा यह दूसरा विवाद है.
इससे पहले, बिजली मंत्री सनी जोसेफ के बहनोई ने अपनी नियुक्ति पर आलोचना के बाद उनके पर्सनल स्टाफ से इस्तीफा दे दिया था.
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ओपी/वीसी