
देहरादून, 15 अप्रैल . उत्तराखंड खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग ने Wednesday को एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की. इस बैठक का उद्देश्य घरेलू और कमर्शियल एलपीजी, साथ ही पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति की उपलब्धता का आकलन करना था.
चार धाम यात्रा, पर्यटन और शादी के सीजन को देखते हुए यह कदम उठाया गया.
इस बैठक की अध्यक्षता खाद्य सचिव आनंद स्वरूप ने की. इसमें राज्य-स्तरीय समन्वयक, तेल कंपनियों के प्रतिनिधि और पूरे राज्य से जिला आपूर्ति अधिकारी शामिल हुए.
बैठक के दौरान सचिव ने कहा कि सभी जिला अधिकारियों को एलपीजी और ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि जनता को किसी भी तरह की असुविधा न हो.
उन्होंने चार धाम यात्रा के दौरान लाखों तीर्थयात्रियों के आने की उम्मीद को देखते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इस पूरी अवधि के दौरान आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करें और पर्याप्त स्टॉक बनाए रखें.
विभिन्न जिलों के अधिकारियों ने परिचालन संबंधी चुनौतियों पर अपनी राय साझा की. इनमें एलपीजी की मांग में मौसमी बढ़ोतरी, शादी के सीजन के कारण कमर्शियल सिलेंडरों की खपत में वृद्धि, परिवहन और वितरण संबंधी मुद्दे, और एजेंसी स्तर पर बेहतर समन्वय की आवश्यकता शामिल थी. सचिव ने निर्देश दिया कि ऐसे सभी मुद्दों का तुरंत समाधान किया जाए.
तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को आश्वासन दिया कि वे निर्धारित मानदंडों के अनुसार आपूर्ति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं, और जिला-स्तरीय चिंताओं को हल करने के लिए तेजी से कार्रवाई कर रहे हैं. उन्होंने सुचारू वितरण सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय एजेंसियों के साथ चल रहे समन्वय पर भी प्रकाश डाला.
सचिव ने तेल कंपनियों को निर्देश दिया कि वे सभी जिलों में गैस एजेंसियों के साथ मिलकर काम करें, ताकि समय पर डिलीवरी सुनिश्चित हो सके और किसी भी रुकावट का तुरंत समाधान किया जा सके. जिला आपूर्ति अधिकारियों से कहा गया कि वे लगातार निगरानी रखें और जब भी आवश्यकता हो, तत्काल कार्रवाई करें.
चार धाम यात्रा के दौरान प्रमुख यात्रा मार्गों और मुख्य पड़ावों पर ईंधन और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को किसी भी कठिनाई का सामना न करना पड़े.
–
एएसएच/डीकेपी