राजस्थान और हरियाणा आज अमित शाह की मौजूदगी में यमुना जल बंटवारे पर समझौते पर करेंगे हस्ताक्षर

jaipur, 29 जून . Rajasthan और Haryana के बीच यमुना जल-बंटवारे पर सहमति के बाद Monday को दोनों राज्य दिल्ली में समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे. इस दौरान, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल भी उपस्थित होंगे.

इस समझौते से दोनों राज्यों के बीच तीन दशक से चला आ रहा गतिरोध खत्म होने की उम्मीद है. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, Sunday को हुई एक लंबी बैठक में दोनों राज्यों के अधिकारियों की ओर से रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया. अभी Rajasthan के Chief Minister भजनलाल शर्मा और Haryana के Chief Minister नायब सिंह सैनी समझौते को औपचारिक रूप देंगे.

सीएमओ अधिकारियों ने Monday को पुष्टि की कि भजनलाल शर्मा सुबह 8.30 बजे jaipur से दिल्ली के लिए रवाना हुए. यमुना जल परियोजना के निर्माण और कार्यान्वयन के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने का समारोह New Delhi के कर्तव्य भवन-3 में आयोजित किया जाएगा.

यमुना जल परियोजना Rajasthan के शेखावाटी क्षेत्र के तीन जिलों सीकर, चूरू और झुंझुनू को सिंचाई और पीने का पानी उपलब्ध कराएगी. अधिकारियों ने कहा, “समझौते पर हस्ताक्षर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, Chief Minister भजनलाल शर्मा, Haryana के Chief Minister नायब सिंह सैनी, केंद्रीय गृह सचिव और केंद्र Government के साथ-साथ Rajasthan और Haryana Governmentों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में होंगे.”

दिल्ली स्थित बीकानेर हाउस में बीते दिन दो घंटे चली बैठक के बाद दोनों राज्यों के अधिकारियों में यह सहमति बनी. Rajasthan का प्रतिनिधित्व मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव अभय कुमार और जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता भुवन ने किया. Haryana का प्रतिनिधित्व अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल और मुख्य अभियंता वीरेंद्र सिंह ने किया, जबकि मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए.

सहमति के अनुसार, Haryana कई तय जगहों से पानी लेगा. इसमें दनोदा कलां से 10 क्यूसेक, नयागांव के पास सरसौद डिस्ट्रीब्यूटरी से 80 क्यूसेक, चौधरी माइनर पर हिंडवान से 70 क्यूसेक, सरसाना माइनर पर पट्टन से 20 क्यूसेक, सेगा नरार से 2 क्यूसेक, कैथल के पास प्योदा से 43 क्यूसेक और कैथल के पास चंदना-मानस रोड से 41.83 क्यूसेक पानी लिया जाएगा. इसके अलावा, Haryana को एक और तय इनटेक पॉइंट का इस्तेमाल करने की सुविधा मिलेगी और जरूरत पड़ने पर हसियावास के तीन अन्य जलाशयों में से किसी एक से पानी लेने की इजाजत होगी.

इस प्रोजेक्ट का आर्थिक बोझ Rajasthan Government उठाएगी, साथ ही केंद्र Government से भी आर्थिक मदद पाने की कोशिश की जाएगी. अधिकारियों ने बताया कि यही पाइपलाइन नेटवर्क भविष्य के किशाऊ, लखवार और रेणुकाजी प्रोजेक्ट्स से Rajasthan के हिस्से का पानी पहुंचाने में भी मदद करेगा.

हालांकि, Haryana ने 1994 के समझौते के बाद बदलती जरूरतों को देखते हुए पानी के बंटवारे पर फिर से विचार करने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन दोनों राज्य फिलहाल मूल समझौते को लागू करने पर सहमत हो गए हैं. समझौते के तहत Rajasthan को यमुना का 1,917 क्यूसेक पानी मिलेगा.

पानी की सप्लाई को आसान बनाने के लिए हथिनीकुंड से हसियावास तक तीन पाइपलाइनें बिछाई जाएंगी, जिनमें से हर एक का व्यास 3.6 मीटर होगा. प्रस्तावित पाइपलाइन Haryana के पांच जिलों यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद और हिसार से होकर गुजरेगी.

अधिकारियों ने कहा कि समझौते को औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद, पाइपलाइन कॉरिडोर के साथ जमीन अधिग्रहण का काम शुरू होगा. टेंडर जारी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा.

डीसीएच/

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