
पुणे, 2 जून . पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले की जांच तेज हो गई है. अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) ने मामले की तह तक पहुंचने के लिए 10 विशेष जांच टीमें गठित की हैं. जांच के दौरान जहरीली शराब बनाने के लिए मेथनॉल की आपूर्ति करने वाले दो आरोपियों की पहचान की गई है और उनसे पूछताछ जारी है.
Police के अनुसार, 26 मई से 28 मई के बीच दापोडी और हडपसर Police थाना क्षेत्र में जहरीली हाथभट्टी शराब पीने से कई लोगों की मौत हुई थी. इस संबंध में 29 मई को दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए. दापोडी Police थाने में विभिन्न धाराओं तथा Maharashtra दारूबंदी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था.
दोनों मामलों की जांच अपराध अन्वेषण विभाग, Maharashtra राज्य, पुणे को सौंपी गई है. जांच के लिए कुल 10 टीमें बनाई गई हैं, जो अलग-अलग पहलुओं पर काम कर रही हैं.
दापोडी प्रकरण में अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. सभी आरोपियों को Police हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है.
इस बीच, राज्य उत्पादन शुल्क विभाग ने भी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों, आकाश जाधव (हडपसर), इरफान निसार कुरैशी (पवार वस्ती, दापोडी) और आर्यन संजय धोत्रे (गोखलेनगर) को गिरफ्तार किया है. इन आरोपियों को आगे की जांच के लिए सीआईडी के मामलों में भी गिरफ्तार करने की प्रक्रिया चल रही है.
जांच के दौरान खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के ठाणे विभाग ने दापोडी जहरीली शराब मामले से जुड़े एक अन्य प्रकरण में ठाणे शहर के नारपोली Police स्टेशन में मामला दर्ज किया है. इस मामले के आरोपियों को भी सीआईडी जांच से जोड़ने की कार्रवाई की जा रही है.
अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न घटनास्थलों से cctv फुटेज, शराब के नमूने और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए गए हैं. इन्हें वैज्ञानिक परीक्षण के लिए पुणे स्थित फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) भेजा गया है. आरोपियों के मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं, और उनके डिजिटल विश्लेषण का काम जारी है.
जांच एजेंसियों के मुताबिक, अब तक जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर मेथनॉल की आपूर्ति करने वाले दो संदिग्ध आरोपियों की पहचान हो चुकी है. उनसे पूछताछ कर सप्लाई चेन और अन्य संभावित आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है.
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एसएके/डीकेपी