पीएम मोदी का सेशेल्स दौरा : भारत के उच्चायुक्त बोले, सुरक्षा से लेकर समुद्री सहयोग तक मिलेंगे नए आयाम

New Delhi, 26 जून . सेशेल्स के President डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के आमंत्रण पर Prime Minister Narendra Modi तीन दिवसीय दौरे पर सेशेल्स जाएंगे. Prime Minister मोदी सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के मौके पर आयोजित गोल्डन जुबली सेलिब्रेशन में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे. पीएम मोदी के इस दौरे को लेकर वहां के लोगों में खुशी का माहौल है. सेशेल्स में India के उच्चायुक्त ने पीएम मोदी के इस दौरे को लेकर न्यूज एजेंसी के साथ खास बातचीत की.

दोनों देशों के लिए Prime Minister के इस दौरे का महत्व बताते हुए सेशेल्स में India के उच्चायुक्त रोहित रथीश ने कहा, Prime Minister मोदी का जो दौरा है, ये बहुत महत्वपूर्ण समय पर हो रहा है. सेशेल्स अपनी आजादी के 250वें सालगिरह पर गोल्डन जुबली मना रहे हैं. पीएम मोदी मुख्य अतिथि हैं. ये दर्शाता है कि हमारा संबंध कितना गहरा है. पीएम मोदी के इस दौरे से हमारे संबंध सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, केपेसिटी ब्लिडिंग, समुद्र और विज्ञान समेत तमाम क्षेत्रों में और भी गहरे और मजबूत हो जाएंगे. दोनों देशों के बीच जो रिश्ता है, वो ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध से जुड़ा हुआ है. भारतीय समुदाय के लोग भी रहते हैं. पीएम मोदी उनसे भी मिलेंगे.

India और सेशेल्स के बीच मौजूदा संबंध के बारे में पूछे जाने पर उच्चायुक्त रोहित रथीश ने कहा कि India और सेशेल्स के बीच कूटनीतिक संबंध के 50 साल हो गए हैं. इस दौरे पर दोनों देशों के बीच संबंध में द्विपक्षीय साझेदारी की भी भूमिका है. पिछले नौ महीनों में हमारे आपसी संबंध और मजबूत हुए हैं. President डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के शपथग्रहण समारोह में अक्टूबर 2025 में India के उपPresident सीपी राधाकृष्णन भी आए थे. इसके बाद President हर्मिनी India के दौरे पर पहुंचे. साझेदारी की मौजूदा हालत डायनामिक है, यह बहुत अच्छी है. हाल ही में, पिछले नौ महीनों में, Prime Minister Narendra Modi के गाइडेंस में संबंध और मजबूत हुए हैं, नई ऊर्जा और मोमेंटम मिला है.

जब पूछा गया कि भारतीय समुद्री क्षेत्र के लिए India के दृष्टिकोण में सेशेल्स की क्या भूमिका है, तो सेशेल्स में India के उच्चायुक्त रोहित रथीश ने कहा, “हम दोनों देश इस क्षेत्र को साझा करते हैं, दोनों देश अपनी आर्थिक सुरक्षा, अपनी समुद्री सुरक्षा वगैरह के लिए भारतीय समुद्र पर निर्भर करते हैं. और हम सदियों से सांस्कृतिक तौर पर भी इस क्षेत्र से जुड़े हुए हैं. Prime Minister मोदी ने कुछ साल पहले विजन महासागर बताया था. अब विजन महासागर में व्यापार, कैपेसिटी बिल्डिंग, समुद्री सुरक्षा समेत कई क्षेत्र शामिल हैं और यह क्षेत्रीय साझेदारों द्वारा भारतीय समुद्री क्षेत्र की कलेक्टिव मैनेजमेंट की वकालत करता है.”

उन्होंने कहा कि इसलिए इस क्षेत्र के लिए हमारा अप्रोच अपने साझेदार देशों की क्षमता को मजबूत करना है, जरूरत पड़ने पर फर्स्ट रिस्पॉन्डर बनना है और इस क्षेत्र के सामने आने वाले खतरों से निपटने के लिए मिलकर काम करना है, जिनका सामना इस क्षेत्र के सभी देश करते हैं, खासकर ड्रग तस्करी, मानव तस्करी और अवैध रूप से मछली पकड़ने के क्षेत्र में. मैं यह जोर देना चाहूंगा कि सेशेल्स के साथ हमारे रक्षा और सुरक्षा संबंध पहले से कहीं बेहतर हैं.

केके/पीएम

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