एनसीईआरटी में ‘आपातकाल’ अध्याय का वीएचपी ने किया समर्थन, कहा- युवाओं को सच जानने का अधिकार

Mumbai , 26 जून . विश्‍व हिंदू परिषद (वीएचपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीराज नायर ने एनसीईआरटी की किताबों में इमरजेंसी को शामिल करने का बचाव किया और पश्चिम बंगाल में Government बदलने पर लंबित मामलों को फिर से खोलने का समर्थन किया.

एनसीईआरटी की किताबों में इमरजेंसी (आपातकाल) का चैप्टर शामिल करने पर कांग्रेस नेता हुसैन दलवई के बयान पर विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीराज नायर ने कहा कि India दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और इमरजेंसी भारतीय लोकतंत्र को बदनाम करने की एक बड़ी साजिश थी.

उन्‍होंने कहा कि जिस तरह से तत्कालीन Prime Minister इंदिरा गांधी ने आपातकाल के नाम पर मीडिया को दबाया, विपक्षी नेताओं को महीनों तक जेल में रखा और Governmentी संस्थानों पर रोक लगाई, यह एक बड़ा कलंक है. आने वाले समय में देश के सभी युवाओं को पाठ्यक्रम के जरिए आपातकाल काी सच्‍चाई की जानकारी को जानेंगे.

श्रीराज नायर ने कहा कि कांग्रेस नेता हुसैन दलवई अपने अनाप-शनाप बयानबाजी के लिए जाने जाते हैं. India के युवाओं को हिंदुत्‍व के बारे में जानकारी का हक है. हुसैन दलवई पर तंज कसते हुए उन्‍होंने कहा कि उन्‍हें यह जानना चाहिए की India का बंटवारा केवल धर्म के आधार पर ही हुआ है. India हिंदू राष्‍ट्र था, है और रहेगा.

श्रीराज नायर ने कहा कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद Government बदली और नई Government का नेतृत्‍व सुवेंदु अधिकारी कर रहे हैं. ममता बनर्जी के शासनकाल में बड़े घिनौने अपराध हुए हैं. अपराधियों को पूरी छूट दी गई थी और तुष्‍टीकरण की राजनीति हो रही थी.

उन्‍होंने कहा कि संदेशखाली जैसे कई जिले अपराधियों के चंगुल में थे. पूर्व मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी के शासनकाल में अपराधियों को सजा नहीं दी गई. नई सुवेंदु अधिकारी की Government ने पुरानी लंबित फाइलों को खोलने का फैसला किया है. विश्‍व हिंदू परिषद पूर्ण रूप से इस निर्णय का स्‍वागत करती है. हम पूरी तरह से आश्‍वस्‍त हैं कि अपराधियों को कड़ी सजा मिलेगी. इसके बाद कोई भी Government अपराधियों को प्रोत्‍साहित करने की कोशिश नहीं करेगी.

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एएसएच/पीएम

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