पीएम मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति से की बात, पश्चिम एशिया में शांति की कोशिशों का किया स्वागत

New Delhi, 30 जून . Prime Minister Narendra Modi ने Tuesday की शाम को ईरान के President मसूद पेजेश्कियन से फोन पर बात की. इस दौरान उन्होंने पश्चिम एशिया में हाल ही में हुए संघर्ष को खत्म करने के लिए बनी सहमति का स्वागत किया.

बातचीत के दौरान President पेजेश्कियन ने Prime Minister मोदी को क्षेत्र में हाल के घटनाक्रम और आगे की स्थिति के बारे में जानकारी दी. Prime Minister मोदी ने इस सहमति का स्वागत करते हुए कहा कि इलाके में स्थायी शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए लगातार कोशिशें जरूरी हैं. उन्होंने फिर दोहराया कि India का हमेशा से यही मानना रहा है कि सभी मुद्दों का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए ही होना चाहिए.

Prime Minister मोदी ने कहा कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के साथ-साथ समुद्री रास्तों पर आवाजाही और व्यापार बिना किसी रुकावट के जारी रहना भी बेहद जरूरी है.

इससे पहले दोनों नेताओं की 21 मार्च को भी बातचीत हुई थी. उस समय उन्होंने पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की थी. बातचीत में Prime Minister मोदी ने क्षेत्र के महत्वपूर्ण ढांचों (इन्फ्रास्ट्रक्चर) पर हुए हमलों की निंदा की थी. साथ ही उन्होंने समुद्री रास्तों की सुरक्षा और जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाए रखने के महत्व पर भी जोर दिया था.

इससे पहले 12 मार्च को हुई बातचीत में भी Prime Minister मोदी ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई थी. उन्होंने कहा था कि इससे आम लोगों की जान गई है और बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है.

पिछले महीने ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए New Delhi आए ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने चाबहार बंदरगाह को India और ईरान के सहयोग का एक बड़ा प्रतीक बताया. उन्होंने भरोसा जताया कि India की मदद से विकसित हो रहा यह बंदरगाह India के लिए मध्य एशिया, कॉकेसस और यूरोप तक पहुंचने का ‘सुनहरा द्वार’ बनेगा.

अराघची ने कहा, “चाबहार बंदरगाह India और ईरान के सहयोग की सबसे अहम मिसालों में से एक है. हमें खुशी है कि इसके विकास में India ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. फिलहाल अमेरिका के प्रतिबंधों की वजह से इसकी रफ्तार कुछ धीमी हुई है, लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि यह बंदरगाह India के लिए मध्य एशिया, कॉकेसस और फिर यूरोप तक पहुंचने का सुनहरा रास्ता बनेगा. वहीं यूरोप, मध्य एशिया और दूसरे देशों के लिए भी यह हिंद महासागर तक पहुंचने का अहम मार्ग होगा.”

उन्होंने कहा, “यह एक बेहद रणनीतिक और महत्वपूर्ण बंदरगाह है, जो हमारे, India और कई दूसरे देशों के लिए भी काफी अहम है. मुझे उम्मीद है कि India चाबहार बंदरगाह पर अपना काम जारी रखेगा, ताकि इसका पूरा विकास हो सके और यह India व आसपास के देशों के हित में काम कर सके.”

अराघची ने कहा, “India की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छी छवि है और वह इस क्षेत्र में कूटनीति, शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने में बड़ी भूमिका निभा सकता है. India की फारस की खाड़ी के लगभग सभी देशों से अच्छे संबंध हैं, इसलिए हम इस क्षेत्र में India की किसी भी सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका का स्वागत करते हैं.”

एवाई/डीकेपी

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