सीएम ने जल संरक्षण के लिए जन-आंदोलन का आह्वान करते हुए ‘जल गंगा अभियान’ के समापन की घोषणा की

Bhopal , 30 जून . Madhya Pradesh के Chief Minister मोहन यादव ने Tuesday को राजगढ़ जिले में महीने भर चले ‘जल गंगा संरक्षण अभियान’ के समापन के मौके पर कहा कि जल संरक्षण को एक जन-आंदोलन बनना चाहिए.

Chief Minister ने भैंसवा माता मंदिर का दौरा किया, जहां उन्होंने पवित्र ‘दूध तलैया’ पर पूजा-अर्चना की और राज्य के लोगों की खुशहाली और भलाई के लिए प्रार्थना की. उन्होंने एक पौधा भी लगाया और मंदिर परिसर के प्रस्तावित विकास और सौंदर्यीकरण योजना की समीक्षा की.

एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पर्यावरण संबंधी पहलों की सफलता लोगों की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करती है.

Chief Minister ने कहा, “जल संरक्षण, वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियान केवल Governmentी प्रयासों से सफल नहीं हो सकते. ये तभी सार्थक होते हैं जब हर नागरिक इस अभियान से जुड़ता है.”

राज्य Government ने जल संचयन, नदियों और तालाबों के पुनरुद्धार और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए ‘जल गंगा संरक्षण अभियान’ शुरू किया था. यह अभियान Tuesday को Madhya Pradesh भर में आयोजित कार्यक्रमों के साथ संपन्न हुआ.

राजगढ़ कार्यक्रम के दौरान यादव ने दिव्यांगजनों को तिपहिया वाहन (ट्राइसाइकिल) वितरित किए और उनके सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन की कामना की. उन्होंने ‘लखपति दीदी’ स्वयं-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को उनकी आजीविका के अवसरों को मजबूत करने के लिए 11 इलेक्ट्रिक वाहन भी सौंपे.

Chief Minister ने प्लास्टिक कचरे से ‘इको-ब्रिक्स’ (पर्यावरण-अनुकूल ईंटें) बनाने के लिए ब्यावरा की ‘पर्यावरण प्रेमी संरक्षण समिति’ की सराहना की और इस पहल को इस बात का उदाहरण बताया कि कैसे स्थानीय समुदाय पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे सकते हैं.

अभियान के व्यापक उद्देश्य का जिक्र करते हुए मोहन यादव ने कहा, “जल गंगा संरक्षण अभियान ने जल स्रोतों की सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता को मजबूत किया है. लोगों की भागीदारी की यह भावना अभियान के समापन के बाद भी जारी रहनी चाहिए.”

कार्यक्रम के दौरान, मंदिर परिसर में पारंपरिक आदिवासी नृत्यों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ Chief Minister का स्वागत किया गया. स्थानीय रीति-रिवाजों के अनुसार युवा लड़कियों ने पारंपरिक कलश के साथ उनका स्वागत किया.

राज्य Government का कहना है कि अभियान के समापन के बाद भी जल निकायों का संरक्षण, वृक्षारोपण अभियान और सामुदायिक भागीदारी उसके पर्यावरण एजेंडे के केंद्र में बने रहेंगे.

एससीएच/डीकेपी

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