मेलबर्न में पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई कारोबारियों को दिया भारत में निवेश का न्योता, बोले-स्वच्छ ऊर्जा, एआई और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ाएं

मेलबर्न, 9 जुलाई . Prime Minister Narendra Modi ने Thursday को India और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ती आर्थिक साझेदारी पर जोर दिया. उन्होंने दोनों देशों को वैश्विक अनिश्चितता के बीच नेचुरल और भरोसेमंद साझेदार बताया. साथ ही उन्होंने दोनों देशों के बिजनेस से स्वच्छ ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और शिक्षा जैसे क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की अपील की.

Prime Minister Narendra Modi ने Thursday को ऑस्ट्रेलियाई बिजनेस को मैन्युफैक्चरिंग, स्वच्छ ऊर्जा, एआई, डिजिटल इकॉनमी वगैरह जैसे क्षेत्रों में India की ग्रोथ स्टोरी में साझेदार बनने के लिए निमंत्रण दिया.

भारत-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम के दौरान आर्थिक रोडमैप बिजनेस रिसेप्शन में दोनों देशों के बिजनेस लीडर्स का स्वागत करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उनकी मौजूदगी India और ऑस्ट्रेलिया के साझे भरोसे और उम्मीदों को दिखाती है.

वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए, Prime Minister ने कहा, “आज दुनिया अनिश्चितता, सप्लाई चेन में रुकावट और ऊर्जा संकट के दौर से गुजर रही है. ऐसे समय में India और ऑस्ट्रेलिया के लिए स्वाभाविक और भरोसेमंद साझेदार के तौर पर आगे बढ़ना स्वाभाविक और जरूरी दोनों है. पिछले कुछ सालों में हमने दोनों देशों की क्षमताओं को मिलाकर भविष्य के सहयोग के लिए एक मजबूत ढांचा बनाया है.”

पीएम मोदी ने कहा कि 2022 में रिकॉर्ड समय में हुए भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौता (ईसीटीए) ने दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को काफी मजबूत किया और दोनों देशों में व्यवसाय के नए मौके बनाए हैं.

उन्होंने कहा, “इसके लागू होने के बाद से India से ऑस्ट्रेलिया को एक्सपोर्ट दोगुना हो गया है और दोनों देशों के बिजनेस को नए मार्केट एक्सेस से फायदा हुआ है. हालांकि हम यहीं नहीं रुके हैं. अब हम एक व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते की ओर बढ़ रहे हैं.”

उन्होंने कहा, “इन कोशिशों से दोनों देशों की Governmentों ने एक नया रनवे तैयार किया है और निवेश और नवाचार का एयरक्राफ्ट अब उड़ान भरने के लिए तैयार है. आप सभी को इसे नई ऊंचाइयों पर ले जाना है.”

स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में मौकों पर जोर देते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि India हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स, ग्रीन हाइड्रोजन, सोलर मॉड्यूल और विंड ऊर्जा उपकरण के लिए तेजी से एक मजबूत मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बना रहा है.

फोरम में मौजूद क्लीन एनर्जी कंपनियों के प्रतिनिधि को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “हम India में हाइड्रो प्रोजेक्ट्स, ग्रीन हाइड्रोजन, सोलर मॉड्यूल और विंडमिल्स के लिए एक मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बना रहे हैं.”

Prime Minister ने कहा कि India ने 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने और 2070 तक नेट जीरो एमिशन तक पहुंचने के बड़े टारगेट तय किए हैं. उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया की तकनीकी विशेषज्ञता, वित्तीय रिसोर्स और नेचुरल रिजर्व India के ऊर्जा ट्रांजिशन को तेज करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं.

हाल के पॉलिसी रिफॉर्म्स का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “कुछ महीने पहले India ने परमाणु क्षेत्र को प्राइवेट कंपनियों के लिए खोल दिया. हमने 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा का टारगेट रखा है. ऑस्ट्रेलिया के बड़े यूरेनियम रिजर्व सीधे India के न्यूक्लियर सफर से जुड़े हैं.

Prime Minister ने ऑस्ट्रेलियाई निवेशकों को India के तेजी से बढ़ रहे इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में हिस्सा लेने के लिए भी निमंत्रण दिया और कहा कि पोर्ट, एयरपोर्ट, हाईवे, रेलवे और शहरी विकास प्रोजेक्ट्स में बहुत मौके हैं.

उन्होंने कहा, “India के पोर्ट, एयरपोर्ट, रोड, रेलवे और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में ऑस्ट्रेलियाई दीर्घकालिक निवेशकों के लिए बहुत ज्यादा अवसर हैं. आज India में नेशनल हाईवे लगभग 34 किलोमीटर प्रति दिन की रफ्तार से बढ़ रहे हैं. रोजाना 8 किलोमीटर से ज्यादा रेलवे ट्रैक बिछाए जा रहे हैं. यह स्केल, स्पीड और स्थिरता का मेल दिखाता है.”

औद्योगिक सहयोग पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि India और ऑस्ट्रेलिया पहले ही स्टील क्षेत्र में मजबूत साझेदार के तौर पर उभरे हैं और अब वे लो-कार्बन एल्युमीनियम, ग्रीन आयरन और क्लीन मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी जैसे एरिया में मिलकर काम कर सकते हैं.

Prime Minister ने उभरती तकनीक में सहयोग की बड़ी गुंजाइश पर भी जोर दिया और बताया कि India Government ने एआई मिशन, क्वांटम मिशन और सेमीकंडक्टर प्रोग्राम के तहत पहलों के लिए 10 बिलियन डॉलर से ज्यादा देने का वादा किया है.

उन्होंने कहा, “India Government ने एआई मिशन, क्वांटम मिशन और सेमीकंडक्टर प्रोग्राम के तहत 10 बिलियन डॉलर से ज्यादा की मदद दी है. हम डेटा सेंटर, एआई, क्वांटम टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में ग्लोबल सॉल्यूशन बनाने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं.”

ऑस्ट्रेलिया के बड़े पेंशन फंड का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि India ने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए एक स्थिर और भरोसेमंद निवेश डेस्टिनेशन दिया है कि उनके कैपिटल का पूरी जिम्मेदारी से ध्यान रखा जाएगा.

उन्होंने कहा, “ऑस्ट्रेलिया के पेंशन फंड इस समय 4 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की परिसंपत्तियों (एसेट्स) का प्रबंधन कर रहे हैं. India में पेंशन की बचत को एक पवित्र जिम्मेदारी माना जाता है. हम इसे केवल पूंजी नहीं, बल्कि लाखों परिवारों के भरोसे के रूप में देखते हैं. India आपके पेंशन फंडों के लिए सुरक्षित, स्थिर और टिकाऊ विकास के व्यापक अवसर प्रदान करता है. हमारा प्रयास होगा कि India में आपका भरोसा भी मजबूत हो और आपकी पूंजी भी निरंतर बढ़े.”

पीएम मोदी ने शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट में बढ़ते सहयोग पर भी जोर दिया और बताया कि डीकिन यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी ऑफ वोलोंगोंग ने पहले ही Gujarat इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (जीआईएफटी सिटी) में कैंपस बना लिए हैं.

उन्होंने कहा, “यह India में उनके भरोसे को दिखाता है. हमारा साझा लक्ष्य स्टूडेंट मोबिलिटी को टैलेंट पार्टनरशिप में बदलना होना चाहिए. अपना भाषण खत्म करते हुए Prime Minister ने जोर दिया कि भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी को राष्ट्रीय राजधानियों के बीच जुड़ाव से आगे बढ़ना चाहिए और इसमें दोनों देशों के राज्य, शहर, विश्वविद्यालय और उद्योग शामिल होने चाहिए.

उन्होंने कहा, “हमारी साझेदारी सिर्फ हमारी राजधानियों या कुछ चुने हुए शहरों तक ही सीमित नहीं होनी चाहिए; हमें अपने राज्यों, बड़े और छोटे दोनों शहरों, विश्वविद्यालय और उद्योगों के स्टेकहोल्डर्स को भी शामिल करना चाहिए.”

Prime Minister ने आगे कहा, “मेरा सुझाव है कि आगे बढ़ते हुए, हम खास स्टेट-टू-स्टेट और सेक्टर-टू-सेक्टर साझेदारी की पहचान करें.”

विदेश मंत्रालय ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “आर्थिक और निवेश साझेदारी को मजबूत करना! Prime Minister Narendra Modi और ऑस्ट्रेलिया के Prime Minister एंथनी अल्बनीज ने मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया-India सीईओ फोरम को संबोधित किया.”

विदेश मंत्रालय ने आगे कहा, “पीएम ने India की मजबूत आर्थिक ग्रोथ, सुधार पर आधारित बिजनेस माहौल और बढ़ते इनोवेशन इकोसिस्टम पर जोर दिया. उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई बिजनेस को मैन्युफैक्चरिंग, स्वच्छ ऊर्जा, जरूरी मिनरल्स, एआई, फिनटेक, इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में India की ग्रोथ स्टोरी में साझेदार बनने के लिए बुलाया. उन्होंने कहा कि India का स्केल और ऑस्ट्रेलिया की विशेषज्ञता एक जीत की साझेदारी है.”

केके/वीसी

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