कैंसर से ठीक हुए लोग सच्चे योद्धा, शीघ्र उपचार और जागरूकता जीवन बचाने की कुंजी: उपराष्ट्रपति

jaipur, 25 अप्रैल . उपPresident सी.पी. राधाकृष्णन Saturday को jaipur में भगवान महावीर कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र द्वारा आयोजित 23वें कैंसर सर्वाइवर्स दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए. कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उपPresident ने कैंसर से ठीक हुए लोगों को सच्चे योद्धा बताते हुए कहा कि उनका साहस और दृढ़ता पूरे समाज में आशा और शक्ति का संचार करता है.

उपPresident ने कहा, “कैंसर सर्वाइवर्स दिवस मानवता की असाधारण भावना का उत्सव है.” India में बढ़ते कैंसर के मामलों पर उपPresident ने कहा कि शीघ्र निदान और जागरूकता जीवन बचाने की कुंजी हैं. उन्होंने सामूहिक कार्रवाई का आह्वान करते हुए कहा, “कैंसर से कोई भी अकेले न लड़े.”

उपPresident ने कैंसर देखभाल में आए बदलावों में आयुष्मान India Prime Minister जन आरोग्य योजना के प्रभाव को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि लगभग 75 फीसदी लाभ ग्रामीण आबादी को मिल रहा है, जिससे स्वास्थ्य देखभाल की महत्वपूर्ण कमियों को दूर किया जा रहा है और जीवन रक्षक उपचार तक पहुंच का विस्तार हो रहा है. इस अवसर पर Rajasthan के Governor हरिभाऊ किसानराव बागडे, Rajasthan के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खिमसर, भगवान महावीर कैंसर अस्पताल के अध्यक्ष नवरतन कोठारी और अन्य लोग उपस्थित थे.

Saturday की सुबह उपPresident सी.पी. राधाकृष्णन का jaipur अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर Governor हरिभाऊ किसानराव बागडे, उपChief Minister डॉ. प्रेम चंद बैरवा और अन्य व्यक्तियों द्वारा स्वागत किया गया था. उपPresident Rajasthan विश्वविद्यालय के 35वें दीक्षांत समारोह में भी हिस्सा लेंगे.

इससे पहले, Thursday को उत्तराखंड के एम्स ऋषिकेश के छठे दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता उपPresident राधाकृष्णन ने की थी. उन्होंने स्नातक मेडिकल छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह केवल अकादमिक प्रशिक्षण का अंत नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी की शुरुआत है. उन्होंने युवा डॉक्टरों से समर्पण, करुणा और दृढ़ संकल्प के साथ सेवा करने का आग्रह किया. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्वास्थ्य सेवा एक सार्वजनिक विश्वास और राष्ट्र निर्माण का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है, और स्नातकों को निवारक देखभाल, ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच, अनुसंधान और नवाचार पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित किया. उन्होंने उपचार और चिंतन के वैश्विक केंद्र के रूप में ऋषिकेश के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर भी प्रकाश डाला, जो इस तरह की अकादमिक उपलब्धियों को और भी अधिक महत्व देता है.

ओपी/एएस

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