पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव कम करने को तैयार चीन, बोला-टकराव से बचना सबसे जरूरी

बीजिंग, 16 मार्च . चीन ने Pakistan और अफगानिस्तान के बीच सुलह कराने की इच्छा जताई है. उसने कहा है, “तनाव को कम करने के लिए वो अपने प्रयास जारी रखने को तैयार है” और उसके मुताबिक फिलहाल सबसे जरूरी काम स्थिति को और अधिक बिगड़ने से रोकना है.

चीनी विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया कि क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए Pakistan और अफगानिस्तान के बीच संवाद और संयम बेहद आवश्यक है. मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि मौजूदा हालात में “सबसे तात्कालिक कार्य तनाव के और अधिक बढ़ने से बचना” है.

बीजिंग ने यह भी कहा कि वह दोनों पड़ोसी देशों के साथ संपर्क बनाए हुए है और मतभेदों को बातचीत और कूटनीतिक माध्यमों से सुलझाने के प्रयासों को आगे बढ़ाएगा. बीजिंग का मानना है कि क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक सहयोग के लिए Pakistan-अफगानिस्तान संबंधों में स्थिरता बेहद अहम है.

चीन ने दोनों देशों से संयम बरतने और किसी भी प्रकार के टकराव से बचने की अपील करते हुए कहा कि विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना ही क्षेत्र के हित में है.

इससे पहले भी चीन मध्यस्थता की बात कर चुका है. चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने Friday को अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी से फोन पर बात की थी. बाद में एक बयान जारी कर बताया गया कि यी ने अफगानिस्तान और Pakistan के बीच के विवादों को सैन्य ताकत के बजाय बातचीत और परामर्श के जरिए सुलझाने पर जोर दिया है.

बयान के अनुसार, वांग ने दोनों पक्षों से संयम बरतने, संवाद स्थापित करने, तत्काल युद्धविराम करने और मतभेदों को सुलझाने की अपील की. वांग यी ने कहा कि बल का और अधिक इस्तेमाल करने से स्थिति बहुत ज्यादा जटिल हो जाएगी और क्षेत्र में तनाव बढ़ेगा.

फरवरी 2026 से ही दोनों पड़ोसी देश एक दूसरे पर हवाई हमले कर रहे हैं. Pakistan ने काबुल को आतंकी कैंपों को फलने-फूलने देने के लिए जिम्मेदार बताते हुए 22 फरवरी को एयर स्ट्राइक की. कथित तौर पर उसने आतंकी कैंपों और उनसे जुड़े बुनियादी ढांचों को निशाना बनाने का दावा किया. उनके इस हमले का अफगानिस्तान ने भी जवाब दिया. बॉर्डर पर पाक फौज और उसकी चौकियों को तबाह किया गया. इसके बाद से ही दोनों पक्षों के बीच तनाव चरम पर है.

केआर/

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