
Mumbai , 1 अगस्त . Maharashtra नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे ने Saturday को कहा कि जंतर-मंतर पर हालिया प्रदर्शन के दौरान Prime Minister Narendra Modi के खिलाफ इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा गलत है, लेकिन पीएम को अपनी पार्टी के नेताओं और समर्थकों को भी ऐसी भाषा न इस्तेमाल करने की सलाह देनी चाहिए.
Mumbai में Maharashtra नवनिर्माण विद्यार्थी सेना (एमएनवीएस) के 20वें स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ठाकरे ने कहा कि वह इस बात से पूरी तरह सहमत हैं कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए, लेकिन यही मानदंड सभी Political दलों पर लागू होने चाहिए.
उन्होंने कहा, “जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान Prime Minister Narendra Modi के खिलाफ जो भाषा इस्तेमाल की गई वो गलत थी. हम इससे सहमत हैं. मैं 100 फीसदी मानता हूं कि किसी के खिलाफ ऐसी घटिया भाषा नहीं इस्तेमाल होनी चाहिए. मैं सिर्फ Prime Minister से कहना चाहता हूं – कृपया अपनी पार्टी के लोगों को भी यह बात समझाएं.”
यह बयान Friday रात Prime Minister मोदी द्वारा इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो के बाद आया है. उस वीडियो में पीएम मोदी ने जंतर-मंतर पर अपने और अपनी मां के खिलाफ इस्तेमाल की गई आपत्तिजनक भाषा पर आपत्ति जताई थी. वीडियो में पीएम मोदी ने कहा कि वह इसमें शामिल युवाओं को माफ करते हैं और उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न की जाए.
Political संस्कृति पर निशाना साधते हुए एमएनएस प्रमुख ने भाजपा पर आक्रामक ऑनलाइन ट्रोलिंग को बढ़ावा देने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, “आपकी ट्रोल टीम महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी से लेकर हम सबके खिलाफ कैसी भाषा इस्तेमाल करती है, देखिए. Maharashtra में कई कलाकार डर के मारे बोल नहीं पाते. हर राज्य में टीमें बनाई गई हैं – उनसे भी कहिए कि लोगों को गाली न दें.”
उन्होंने आगे कहा, “पिछले 12 सालों में ट्रोलिंग की ये संस्कृति शुरू हुई है. जो बोया है वही काट रहे हो. पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें और उनकी मां को गाली दी गई, जो गलत है. लेकिन Prime Minister से मेरी विनती है – दूसरों की भी मांएं हैं. आप अपने पार्टी नेताओं को हद में रहने का निर्देश दीजिए. आपने कहा कि आपने जंतर-मंतर के युवाओं को माफ कर दिया, लेकिन पिछले 12 सालों से आपके लोग जो कर रहे हैं उसके लिए कौन माफी मांगेगा?”
युवा मामलों पर बात करते हुए ठाकरे ने अपनी छात्र शाखा से समय के साथ बदलने और आज की पीढ़ी की आकांक्षाओं को समझने की अपील की. उन्होंने कहा, “जब मैं छात्र था तब मुद्दे अलग थे. आज के विषय और आज के युवा अलग हैं. हमने टेलीग्राम से लेकर इंस्टाग्राम तक का दौर देखा है. हमें समझना होगा कि ये जेन जी पीढ़ी क्या चाहती है. ग्रामीण Maharashtra में भी जेन जी है. उनकी अपेक्षाओं को समझना जरूरी है और एमएनएस की छात्र शाखा को इस पर काम करना चाहिए.”
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डीएससी