
Patna, 10 सितंबर . बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने बिहार में बाढ़ की स्थिति, वंदे मातरम को लेकर मचे विवाद, पी चिदंबरम की ‘दिमागी नक्सल’ टिप्पणी और पार्टी के भीतर अनुशासन समेत कई मुद्दों पर जदयू और भाजपा पर निशाना साधा. उन्होंने जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा के बिहार की बाढ़ के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराने वाले बयान पर पलटवार करते हुए राज्य Government से बाढ़ नियंत्रण और गाद की समस्या पर काम करके दिखाने की चुनौती दी.
राजेश राम ने कहा कि जदयू लंबे समय से सत्ता में है और संजय झा स्वयं लंबे समय तक सिंचाई विभाग से जुड़े रहे हैं. यदि Government गाद और फरक्का को बाढ़ की समस्या की वजह मानती है तो इसका समाधान क्यों नहीं किया जा रहा? कोसी बराज और वाल्मीकि नगर बराज का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं कांग्रेस के शासनकाल में बनी थीं. यदि कांग्रेस की नीतियों में कमी थी तो Government उन कमियों को दूर करे.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य में पुलों के गिरने की घटनाओं का भी मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि पुराने समय में बनाए गए कई पुल आज भी खड़े हैं, जबकि मौजूदा Government के कार्यकाल में पुल गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं. उन्होंने Government से बाढ़, रोजगार, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों पर जवाब देने की मांग की. राजेश राम ने आरोप लगाया कि Government इन मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए बार-बार नेहरू-गांधी परिवार का नाम लेती है. उन्होंने कहा कि Government को रोजगार और महंगाई पर चर्चा करनी चाहिए. साथ ही, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने चाहिए.
पी चिदंबरम की ‘दिमागी नक्सल’ टिप्पणी पर राजेश राम ने भाजपा पर निशाना साधते हुए Prime Minister Narendra Modi के पुराने चुनावी वादों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि 15 लाख रुपए देने, हर साल रोजगार उपलब्ध कराने और विदेश से काला धन वापस लाने जैसे वादों पर सवाल उठाना भी ‘दिमागी नक्सल’ है क्या? एसआईआर प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया के जरिए वोट चोरी की गई. Government को इन मुद्दों पर जवाब देना चाहिए.
दिल्ली में बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारी के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले पार्टी नेताओं पर कार्रवाई को लेकर राजेश राम ने कहा कि कई नेता लगातार पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे हैं. उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन इसके बावजूद पार्टी के अंदर की बात सड़क पर ले जाकर प्रदर्शन किया गया. इस मामले में करीब छह नेताओं को नोटिस दिया जा चुका है और social media समेत अन्य माध्यमों से फीडबैक लिया जा रहा है. लगभग 30 से 32 नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाना तय है. अनुशासन तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
वंदे मातरम को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टिप्पणी पर राजेश राम ने कहा कि यह कांग्रेस की ऐतिहासिक विरासत का हिस्सा है. स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कांग्रेस और उसके नेताओं ने इस गीत को महत्वपूर्ण स्थान दिया था. उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें कांग्रेस को देशभक्ति, तिरंगे और वंदे मातरम का पाठ पढ़ाने की जरूरत नहीं है. भाजपा नेताओं को कई बार राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से जुड़े बुनियादी नियमों का पालन करते नहीं देखा गया.
उन्होंने आरएसएस और जनसंघ के पुराने रुख का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि संविधान निर्माण के दौर में उनके नेताओं ने तिरंगे के स्थान पर दूसरे विकल्पों की वकालत की थी. राजेश राम ने कहा कि कांग्रेस अपनी विरासत और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को लेकर किसी से प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं समझती. वंदे मातरम, जन गण मन और तिरंगा देश की राष्ट्रीय विरासत का हिस्सा हैं और इनका सम्मान सभी को करना चाहिए.
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पीएसके