कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: दीपा करमाकर ने जूडो में स्वर्ण पदक जीतने वाली अस्मिता डे की तारीफ की

अगरतला, 1 अगस्त . ओलंपियन दीपा करमाकर ने ग्लासगो में आयोजित हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में Friday को जूडो में स्वर्ण पदक जीतने वाली अस्मिता डे को बधाई दी है.

दीपा करमाकर ने से बात करते हुए अस्मिता डे को उनकी ऐतिहासिक सफलता पर बधाई दी है.

करमाकर ने कहा, “नॉर्थईस्ट में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है. अस्मिता जब बहुत छोटी थीं, तो त्रिपुरा स्पोर्ट्स स्कूल में प्रशिक्षण लेती थीं. उन्होंने एक बार मुझसे कहा था कि वह मेरी तरह बनना चाहती हैं और जो मैंने हासिल किया है, वह हासिल करना चाहती हैं.”

दीपा करमाकर ने रियो 2016 ओलंपिक खेलों में भाग लिया था. वह ओलंपिक में प्रतिस्पर्धा करने वाली पहली भारतीय महिला जिमनास्ट बनीं.

Friday को महिलाओं की 48 किग्रा वर्ग के फाइनल में अस्मिता डे ने कनाडा की हेइडी क्वैच को हराकर स्वर्ण पदक जीता. अस्मिता का यह स्वर्ण पदक ऐतिहासिक है. कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में जूडो में यह देश का पहला स्वर्ण पदक है.

रोमांचक और कड़े मुकाबले में डे ने क्वैच को 2-1 से हराया. डे ने आखिरी स्टेज पर अपना धैर्य बनाए रखते हुए अपने कॉमनवेल्थ गेम्स कैंपेन की सबसे बड़ी जीत हासिल की. ​​भारतीय जूडोका ने बेहतरीन रणनीतिक कौशल और रक्षात्मक अनुशासन दिखाते हुए जीत हासिल की.

अस्मिता डे को उनकी सफलता पर President द्रौपदी मुर्मु, उपPresident सी. पी. राधाकृष्णन, Prime Minister Narendra Modi, खेल मंत्री मनसुख मांडविया और त्रिपुरा के Chief Minister माणिक साहा ने बधाई दी थी.

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में India ने जूडो में अब तक तीन पदक जीत लिए हैं. अस्मिता डे के स्वर्ण पदक के बाद हर्ष सिंह ने भी स्वर्ण पदक जीता. हर्ष कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो में स्वर्ण पदक जीतने वाले देश के पहले पुरुष एथलीट हैं, जबकि अस्मिता ओवरऑल पहली एथलीट हैं. इसके अलावा यामिनी मौर्य ने भी रजत पदक जीता था.

पीएके

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